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2nd month of pregnancy

प्रेगनेंसी के दूसरे महीने के लक्षण, डाइट और शिशु का विकास!

प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में सावधानियां:

प्रेगनेंसी के दूसरे महीने यानी पांचवें से आठवें सप्ताह के बारे में चर्चा करेंगे। आपको अपने डाइट, शरीर में हो रहे बदलाव, भ्रूण में हो रहे विकास ऐसे तमाम पहलुओं के बारे में हम बात करेंगे।

प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में आपके शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। लेकिन कुछ बदलाव पहले महीने की तरह ही होने वाले हैं। आपको इन सब से डरने या घबराने जरूरत नहीं है बल्कि अच्छी डाइट खाकर इन सब परेशानियों का सामना करना है। जानते हैं किस तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

  • सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
  • आपका वजन पहले से थोड़ा बढ़ और घट सकता है, इन दिनों मन खराब और उलटी आना आम बात है।
  • आपको कुछ गंध से एलर्जी भी हो सकती है और खाने से अलग तरह की गंध आएगी, जिससे आपका मन उस भोजन को खाने का बिल्कुल भी मन नही करेगा।
  • हर समय कुछ न कुछ खाने पीने का मन करता है।
  • कभी कभी आपकी योनि से हल्का खून निकलता है।
  • इस दौरान आपके गर्भाशय का आकार बढ़ना शुरू हो जाता है।
  • आपकी योनि में खुजली और दर्द हो सकता है।
  • बार-बार पेशाब करने की समस्या हो सकती है।
  • कभी किसी हारमोन का लेवल बढ़ता है तो कभी किसी हारमोन का लेवल घटता है। आप किसी भी बात पर खुश हो सकती हैं और किसी भी छोटी से छोटी बात पर दुखी हो सकती हैं।
  • एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ने से हो रहा है। इन हार्मोन्स के कारण स्तन का आकार बढ़ने लगता है।
  • ज़्यादा वसा, तेज़ नमक, तेल व मसालेदार चीज़ें खाने से बचें।
  • ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीना चाहिए।
  • सुबह उठने के बाद हल्का स्नैक्स ज़रूर खाएं।
  • सुबह बिस्तर से उठकर थोड़ा बहुत चलने-फिरने की कोशिश करें।
  • उच्च कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन युक्त चीज़ें खाएं, जैसे नट्स, पीनट, बटर व दूध

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गर्भावस्था के दूसरे महीने में क्या करें?

  • ज़्यादा से ज़्यादा आराम करें। यह होने वाले शिशु और गर्भवती दोनों के लिए अच्छा है।
  • खूब तरल पदार्थ का सेवन करें और खुद को हाइड्रेट रखें। पानी और जूस पीते रहें।
  • डॉक्टर की सलाह से फोलिक एसिड और कैल्शियम ले।
  • फल और सब्जियों को खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोएं और उनका छिल्का हटाकर खाएं।
  • दिनभर में थोड़ा-थोड़ा और कई बार खाएं। इससे खाना पचाने में आसानी होगी।

गर्भावस्था के दूसरे महीने में बच्चे का विकास और आकार

गर्भावस्था के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के बारे में जानना बेहद सुखद अनुभव है। हर मां अपने होने वाले बच्चे के विकास को महसूस करती है और उसे समझती है। जानिए गर्भावस्था के दूसरे महीने में बच्चे का विकास कैसे होता है और उसका आकार कितना होता है।

शिशु का सिर, आंखें और नाक धीरे धीरे दिखाई देने शुरू हो जाते हैं। वजन बढ़ना शुरू हो जाता है। शिशु के दोनों कान बनने शुरू हो जाते हैं। आहार नालिका का विकास शुरू हो जाता है। शिशु हल्का फूलका महसूस करना शुरू कर देता है।  दोनों हाथ, पैर और उनकी उंगलियां बननी शुरू हो जाती हैं।

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स्पाइनल कॉर्ड और दिमाग बनाने वाली न्यूरल ट्यूब बन जाती है। शिशु का सिर, आंखें और नाक धीरे धीरे दिखाई देने शुरू हो जाते हैं। इस महीने के अंत तक शिशु का आकार लगभग 1.5 सेंटीमीटर हो जाता है।

डिस्क्लेमर: अगर आपको कुछ प्रॉब्लम पहले से है तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें।

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