fbpx
heart attack heart disease

Heart Attack: हार्ट प्रॉब्लम बढ़ाने वाली वे 7 चीजें जिनसे आप हैं अनजान

Heart Attack – दिल के दौरे का जोखिम मानो बढ़ते ही जा रहे है। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक, सभी को दिल के बीमारी से खतरा है। Heart Attack दिल की बिमारियों मैं प्रमुख माना जाता हैं, जो पुरे विश्व मैं तेज़ी से फैल रही है। अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया जाता है, तो मृत्यु होने की भी संभावना होती है।

heart attack

दिल की बीमारियां मांसपेशियों, वॉल्व, धड़कन, कार्डियोमायोपैथी और हार्ट फेल्योर से जुड़ी होती हैं। कुछ गंभीर मामलों में रक्त वाहिकाएं प्रभावित होती हैं, धमनियां सख्त हो जाती हैं और स्ट्रोक हो जाता है। अनहेल्दी फूड, एक्सरसाइज ना करना और बहुत ज्यादा स्मोकिंग दिल की बीमारी की मुख्य वजहें मानी जाती हैं लेकिन इसके कुछ और भी कारण हैं जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। आइए जानते हैं इनके बारे में…

Heart Disease – Heart Attack के प्रमुख कारण:

आयु: पुरुष के लिए 45 वर्ष से ज्यादा, और महिलाओं के लिए 55 वर्ष से अधिक उम्र होने पर दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है।

आहार: व्यस्त जीवन शैली के कारण अनियमित आहार, जंक फूड खाना, या अधिक मसालेदार भोजन दिल के दौरे का कारण बनता है।

आनुवंशिकी: दिल के दौरे का उच्च जोखिम विरासत में भी मिल सकता है।

रक्तचाप: उच्च रक्तचाप के वजह से हृदय पर अनावश्यक तनाव रहती है।

मोटापा: अधिक मात्रा में वजन बढ़ जाने से दिल पर ज़ोर पड़ता है।

नशा: धूम्रपान और मादक द्रव्यों का सेवन करने वालों को दिल के दौरे का खतरा होता है।

मानसिक तनाव: शिफ्ट कार्यरत लोग जो भी तनावपूर्ण कार्य करते हैं, या जो अपने व्यक्तिगत जीवन में लम्बे समय तक तनाव से गुज़रते है वे दिल के दौरे के जोखिम का सामना कर सकते हैं।
इनके अलावा, एनजाइन यानि दिल में ऑक्सीजन की कमी, उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर, शरीर की निष्क्रियता और डायबिटीज दिल के दौरे के जोखिम का कारक है।

माइग्रेन- माइग्रेन की समस्या होने पर स्ट्रोक, सीने में दर्द और दिल का दौरा पड़ने की संभावना ज्यादा होती है। अगर आपके घर में किसी को दिल की बीमारी है तो ये आनुवांशिक रूप से भी आप में आ सकता है। अगर आपको दिल की बीमारी और माइग्रेन दोनों की समस्या है तो आप माइग्रेन में ली जाने वाली दवा ट्रिपटैन ना लें क्योंकि ये रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देती है। अपने डॉक्टर से संपर्क कर इसकी उचित दवा लें।

अकेलापन- कम दोस्त होने या अपने रिश्तों से नाखुश होने के कारण भी दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अकेलेपन को हाई ब्लड प्रेशर और तनाव से जोड़कर देखा जाता है। अगर आप भी अकेलेपन से जूझ रहे हैं तो खेलकूद की गतिविधियों में भाग लेना या फिर आसपास के लोगों से संपर्क बढ़ाना आपके लिए अच्छा रहेगा।

ये भी पढ़ें : अगर आपका बच्चा भी बैठता है इस पोजिशन में तो जाने क्या हो सकता है नुकसान…

शुरुआती चेतावनियों को कैसे परखें?:

दिल का दौरा पड़ने वाले लक्षण व्यक्ति विशेष भिन्न प्रकार के होते हैं। और यहां तक कि एक ही व्यक्ति का दिल का दौरा पिछली बार पड़ा दौरे से अलग हो सकता है। छाती में दर्द या दबाव दिल का दौरा पड़ने का सबसे सामान्य लक्षण है। शुरुआती पहचान और शीघ्र उपचार के लिए दिल के दौरे के लक्षणों को जानना ज़रूरी है। ध्यान रखें आपके रोजमर्रा की जिंदगी में आप अपने सेहत का भी उतना ही ख्याल रखें जितना आप अपने अपनों का रखते है।

महिलाओं में Heart Attack के लक्षण:

हार्ट अटैक के इन निश्चित लक्षणों को महिलायें अक्सर मामूली समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं।

  • महिलाओं के सीने में और स्तन मैं दर्द होना, शरीर के ऊपरी भाग में यानि गर्दन, पीठ, दांत, भुजाएं और कंधे की हड्डी में तेज़ दर्द होना।
  • चक्कर आना, बेचैनी महसूस करना, या सिर घूमना, जी मचलाना, उलटी, पेट खराब होना आदि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक दिखाई देते हैं। दिल में गहराई तक जेक रक्त पहुंचाने वाली दायीं धमनी अवरुद्ध हो जाने के वजह से अक्सर ऐसा होता है।
  • जबड़े में दर्द होना महिलाओं में हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण है क्योंकि इसके पास जो नसें होती हैं वे आपके हृदय से निकलती हैं। ये दर्द थोड़ी-थोड़ी देर में होता है।
  • सांस लेने में परेशानी, खांसी का दौरा और भारी सांस लेना (एक अध्ययन से पता चला है कि ४२ % महिलाएं जिन्हें हार्ट अटैक आया उन्हें इस समस्या का सामना करना पड़ता है।
  • ५५ साल उम्र के महिलाओं में हॉर्मोन्स के बदलाव के वजह से अचानक पसीना आना बहुत सामान्य होते है। हालांकि, अचानक पसीना आने पर ये हार्ट अटैक के लक्षण भी हो सकते हैं।

पुरुषों में Heart Attack के लक्षण:

पुरूषों और महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर समान् पाया जाता है। हालांकि पुरुषों में पाए जाने वाले हार्ट अटैक के ये 3 लक्षण मुख्य है-

  • लगातार खर्राटा लेना और सोते समय पर्याप्त ऑक्सीजन न खींच पाना हार्ट अटैक के संकेत हो सकते है। नींद पूरी न होना हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देता है। इसका इलाज जल्द से जल्द होनी चाहिए।
  • टहलने पर पैरों में दर्द हार्ट अटैक आने का संकेत हो सकता है। धमनियों का संकुचित हो जाने और रक्त प्रवाह बाधित होने पर जोड़ों में, पेट और सिर मैं खून कम पहुँचता है और पैरो में खून की कमी के वजह से दर्द होता है।
  • पेट में दर्द होना और ऊपरी पीठ दर्द होना।

हार्ट अटैक के लक्षणों पर ध्यान दें और अगर कुछ नए लक्षण महसूस हो रहे हैं और वे दूर नहीं हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। जब अपने अंदर शारीरिक बदलाव दिखे सावधान हो जाएं। इसे काम के प्रेशर के चलते होने वाली कमजोरी या फिर कोई दूसरा कारण समझ कर अनदेखी ना करें तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपंर्क करें। बाद में पछताने से अच्छा है कि डॉक्टर से सुझाव लें और सुरक्षित रहें।

ये भी पढ़ें : रोगों से छुटकारा पाने के लिए जरुरी है Blood को साफ रखना

ये भी पढ़ें : पेट और कमर की चर्बी कम करने के आसान उपाय…

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

चीनी को कर दें ना, वर्ना हो सकता है बहुत बड़ा नुक्सान ! पूरी बनाने के बाद, अक्सर तेल बच जाता है,ऐसे में महंगा तेल फैंक भी नही सकते और इसका reuse कैसे करें! रक्तदान है ‘महादान’ क्या आपने करवाया, स्वस्थ रहना है तो जरुर करें, इसके अनेकों हैं फायदे! गर्मियों में मिलने वाले drumstick गुणों की खान है, इसकी पत्तियों में भी भरपूर है पोषण! क्या storage full होने के बाद मोबाइल हो रहा है हैंग, तो अपनाएं ये तरीके! खाने में ज्यादा नमक है पसंद, तो हो जाएँ सावधान!इन रोगों को दे रहे निमंत्रण! समय से पहले क्यों लगने लगे बूढ़े, जानिए इसकी वजह!