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five month of pregnancy

प्रेगनेंसी के पांचवें महीने में लक्षण, बच्चे का विकास और शारीरिक बदलाव!

प्रेगनेंसी के पांचवें महीने यानी 17वें सप्ताह से 20वें सप्ताह तक की होती है। इस दौरान त्वचा खिल उठती है और गर्भावस्था का रूप आपके चेहरे पर दमकने लगता है। पेट का आकार भी बढ़ता है। गर्भावस्था के 5वें महीने में भ्रूण के तेजी से विकसित होने की संभावना होती है। शिशु के विकसित होने के साथ-साथ महिलाओं का वजन भी बढ़ना शुरू हो जाता है।

प्रेगनेंसी के इस पड़ाव में आपके गर्भ में पल रहे नन्ही सी जान की सुनने की क्षमता बढ़ जाती है और बाहरी शोर उसे परेशान भी कर सकता है। यह वह समय है जब आप अपने शिशु से संवाद कर सकती हैं और वह आपकी बातों पर प्रतिक्रिया भी कर सकता है।

प्रेगनेंसी के पांचवें महीने के दौरान क्या करें:

पर्याप्त आहार: आहार में ब्रोकोली, संतरे, टमाटर इनसे पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी मिलती है। कब्ज़ और बवासीर से बचने के लिए अपने आहार में पर्याप्त फाइबर-युक्त भोजन शामिल करें।

खजूर, बादाम, पिस्ता, अखरोट जैसे सूखे मेवों का सेवन गर्भावस्था के दौरान बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। हरी पत्तेदार सब्जी, फल, मछली से युक्त संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करने से इस दौरान आपको अत्यधिक ऊर्जा प्राप्त हो सकती है ।

आसन और स्नान: इस दौरान, बढ़े हुए पेट के साथ, बैठने और खड़े होने की सही अवस्था को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। बैठने का उचित आसन गर्भावस्था के दौरान होने वाली तकलीफ और दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।

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अपनी बाईं ओर करवट लेने और पैरों के बीच तकिया रखकर सोने से आपको काफी आराम मिल सकता है। चकत्तों से निजात पाने के लिए ठंडे पानी से स्नान करें। आरामदायक, ढीले सूती कपड़े पहनने से भी मदद मिल सकती है।

आरामदायक जूते पहने: आप ऊँची एड़ी के जूतों को पहनना छोड़ दें आरामदायक जूते पहनना पसंद कर सकती हैं, इस दौरान आपके जूते का नाप भी थोड़ा बड़ा हो सकता है। लेकिन आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि शिशु के जन्म के बाद यह नाप सामान्य हो जाएगा।

अपने बच्चे से बात करें : गर्भ संस्कार में गर्भ संवाद के बारे में जानना आपको आनंदित करेगा। बेबी बॉन्डिंग एक्टिविटी मां और बच्चे दोनों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। गर्भ में पल रहे बच्चे से आप बातें करने पर किक कर के प्रतिक्रिया देगा।

baby womb

क्या न करें?

  • जंक फ़ूड से दूर रहें: तले हुए भोजन, मिठाइयों का सेवन कम से कम करें।
  • पालथी मारकर बैठने से बचें: गर्भावस्था के दौरान पालथी मारकर बैठना उचित नहीं है क्योंकि यह रक्त संचार को बाधित कर सकता है।
  • मूत्र-त्याग में देर न करें: गर्भावस्था के दौरान, मूत्राशय में संक्रमण होने का अधिक खतरा होता है। इसलिए पेशाब करने में बिलकुल भी देरी न करें।
  • जल्दबाजी में न उठें: यदि आप जल्दबाज़ी में शीघ्रता से खड़े होने का प्रयास करती हैं तो इससे आपको चक्कर आ सकता है या आप बेहोश भी हो सकती हैं।
  • वजन की जांच करवाएं: गर्भावस्था के 5वें महीने में आपकी भूख बढ़ने की संभावना है इसलिए आवश्यक है कि आप इस दौरान अपने वजन की वृद्धि पर ध्यान दें, अस्वस्थ आहार के अधिक सेवन को नियंत्रित करें ।
  •  तनाव मुक्त रहें: संगीत सुनें, थोड़ी देर टहलने जाएं, सकारात्मक और तनाव-मुक्त रहने के लिए ध्यान व योग की तकनीक सीखें।

गर्भावस्था के 5वें महीने में अल्ट्रासाउन्ड:

5वें महीने में चिकित्सक आपकी और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य की जांच के लिए अल्ट्रासाउन्ड कर सकते हैं। आप चिकित्सक की मदद से गर्भ में पल रहे शिशु का चेहरा, हाथ, पैर और अन्य प्रमुख अंग स्कैन में देख सकती हैं।

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