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अखबार में लिपटे हुए खाने

आज से ही छोड़ देंगे, जानेंगे अगर अखबार में खाना लपेटने से क्या होते हैं नुक्सान!

स्ट्रीट फूड खाने में तो सबको भाता है। जैसे भेल चाट, चना चाट और दुकान और मेले में बिकने वाले पकौडे और समोसे, लेकिन क्या आपको पता है इन food को जिन अखबार में परोस कर आपको दिया जाता है और आप चलते फिरते बड़े चाव से खाते नजर आते हैं।

बाजार ही क्यों, कई बार घर में भी देखा जाता है कि अक्सर हमारी माताएं अपने बच्चे या अपने घर के सदस्य को अखबार में खाना लपेटकर बड़े प्यार से देते हैं। अनजाने में ही आप इस अखबार पर खाना न खाकर बहुत बड़ी बिमारी की ओर जाते नजर आ रहे है। आइए जानते हैं इस लेख में किस तरह की बिमारी को दे रहे हैं आप निमंत्रण।

गुर्दे एवं फेफड़े से संबंधित रोग:

अखबार पर रखकर खाने से सेहत को काफी नुकसान होता है। अखबार पर खाने से कई तरह की बीमारियां हो सकती है जब अखबार में गर्म खाने की चीज रखी जाती है तो इंक पिघलकर खाने में चिपक जाती है।

फेफड़े पर प्रभाव

इससे स्याही में मौजूद ग्राफाइट नामक विषैला तत्व खाद्य पदार्थ में मिल जाता है। इसके शरीर में जाने से गुर्दे एवं फेफड़े से संबंधित रोग हो सकते हैं।

कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का कारण:

इस इंक में डाई आइसोब्यूटाइल फटालेट और डाइएन आईसोब्यूटाइलेट जैस खतरनाक केमिकल्स होते हैं। यह केमिकल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का कारण बन सकती है। ये रसायन जब गर्म खाने के संपर्क में आते हैं तो ये बायोएक्टिव तत्व को सक्रिय कर देते हैं। जिससे ये खाने में मिलने लगता है और ये खाना खाने से विषैले तत्व पेट तक पहुंच जाते हैं।

dangerous for health wrapping food in newspaper

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स्याही में मौजूद विषैले तत्व स्किन के लिए बहुत नुकसानदायक है। इससे स्किन की परत कट जाती है। इंक में मौजूद हार्ड केमिकल त्वचा को रूखा बना देते हैं। इससे मॉयश्चर खत्म हो जाता है, लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। इससे स्किन कैंसर का भी खतरा होता है।

प्रजनन क्षमता हो सकती कमजोर:

अखबार की इंक में खतरनाक रसायन होते हैं इसके शरीर में जाने से हार्मोन्स का संतुल भी बिगड़ सकता है। जिस वजह से प्रजनन क्षमता कमजोर हो सकती है। इससे कई बार संतान का सुख भी छिन जाता है।

प्रजनन क्षमता

पेट दर्द और गैस की समस्या:

न्यूज पेपर में काफी मात्रा में टॉक्सिन्स होते हैं। क्योंकि अखबार के कागज को रिसाइकल करके बनाया जाता है। इसके बाद प्रिंटिंग होने की प्रक्रिया से लेकर लोगों तक पहुंचने तक के दौरान इसमें कई बैक्टीरिया आ जाते हैं। इसमें खाना रखने से ये हानिकारक जीवाणु शरीर मेें चले जाते हैं जिससे पेट दर्द और गैस की समस्या होने लगती है।

पेट दर्द

लीवर कैंसर का भी खतरा:

अखबार में ऑयली खाना लपेटकर खाने से लीवर कैंसर भी हो सकता है। अखबार में लगी स्याही खाने पर लग जाती है, जिसके बाद उस खाने का सेवन करने से लीवर कैंसर जैसी बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है।

कैंसर

आंखों को नुकसान:

बच्चों और बुजुर्गों को काफी नुकसान हो सकता है। दरअसल अखबार में खाना लेपटकर खाने से केमिकल वाली स्याही से बच्चों के आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।

अखबार में खाना लपेटकर खाने से बच्चों की ग्रोथ पर भी असर पड़ता है। अखबार में लपेटकर खाना खाने से बच्चों का विकास रुक जाता है। ऐसे में आप अपने बच्चों को कभी अखबार में खाना लपेटकर न दे।

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अखबार में भोजन न खाएं

 प्रिंटिंग में इस्तेमाल हुए केमिकल में डाई कलर का इस्तेमाल होता है। ये काफी तेज होते हैं। इनके शरीर में संपर्क में आने से आंखों एवं त्वचा को नुकसान हो सकता है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को अखबार में खाना बिल्कुल नहीं खाने देना चाहिए।

FSSAI ने भी इसे बताया खतरनाक:

FSSAI के अनुसार भारतीय लोग जाने-अनजाने स्लो पॉइजन का शिकार हो रहे हैं. होटल से लेकर घर तक खाना लपेटने के लिए अखबार का इस्तेमाल किया जाता है। जो कि आपकी सेहत के लिए काफी खतरनाक है।

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