फतेहगढ़ साहिब में शहीदी जोड़ मेला शुरू हो चूका है, आज हम आपको बताने जा रहे हैं 26 दिसंबर 1704 को गुरुगोबिंद सिंह के दो साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को इस्लाम धर्म कबूल…

1857 से पहले ही अंग्रेजों ने अपनी फौज में गोरखा सैनिकों को रखना आरम्भ कर दिया था. 1857 के भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में इन्होंने ब्रिटिश सेना का साथ दिया था क्योंकि उस समय वे…

प्राचीनकाल में जब मन्दिर बनाए जाते थे तो वास्तु और खगोल विज्ञान का ध्यान रखा जाता था। इसके अलावा राजा-महाराजा अपना खजाना छुपाकर इसके ऊपर मन्दिर  बना देते थे और खजाने तक पहुंचने के लिए…

शिवाजी को बचपन से ही पिता के स्नेह प्यार से वंचित रहना पड़ा था।.युद्धों में व्यस्त शाह जी कम ही समय में पुत्र और पत्नी के साथ वक्त बहुत कम बिता पाए थे। शिवाजी का…

क्रांतिकारी भगत सिंह का नाम सबसे पहले : भारत के सबसे प्रभावशाली क्रान्तिकारियो की प्रथम सूची में क्रांतिकारी भगत सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। जब कभी भी हम उन शहीदों के बारे में…

हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा से 30 किलो मीटर दूर स्थित ज्वालामुखी देवी का मंदिर है। ज्वालामुखी मंदिर को जोता वाली का मंदिर और नगरकोट भी कहा जाता है। ज्वालामुखी मंदिर को खोजने का श्रेय पांडवो को…

काँगड़ा नगरकोट किले का नज़ारा  काँगड़ा जिला जितना बड़ा है उतना ही इसका इतिहास बड़ा है। अगर हम काँगड़ा किले की बात करें तो यह अपने आप मे अनूठा है। काँगड़ा का किला ,नगरकोट ,…

भगवान शिव से जुड़े देश भर में ऐसे कई स्‍थान हैं जो भोलेनाथ के चमत्कारों के गवाह रहे हैं। ऐसी ही एक जगह है मणिमहेश। कहते हैं भगवान शिव ने यहीं पर सदियों तक तपस्या…

राम मंदिर हिन्दुओं के लिए केवल मुद्दा नहीं वल्कि उनकी आस्था का सवाल है. इसलिए कहा जाता है की आस्था के मामले में किसी भी तरह का कोई भी प्रशन चिन्ह खडा नहीं किया जा…

1857 की क्रांति के विषय मे कहा जाता है कि 1857 की क्रांति की शुरुवात कुछ ब्रिटेश इंडियन आर्मी के भारतीय सैनिको के द्वारा किया गया विद्रोह था जिस को बंगाल और नॉर्थ इंडिय के…