क्या बलिदानी राजगुरु आरएसएस के स्वयंसेवक थे? हेडगेवार से मिले थे भगत सिंह?

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शहीद राजगुरु की जीवनी : शहीद राजगुरु का पूरा नाम 'शिवराम हरि राजगुरु' था। राजगुरु का जन्म 24 अगस्त, 1908 को पुणे ज़िले के खेड़ा गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम 'श्री हरि नारायण' और माता का नाम 'पार्वती बाई' था। राजगुरु सिर्फ सोलह साल की उम्र में हिंदुस्तान रिपब्ल‍िकन आर्मी में शामिल…

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असदुद्दीन ओवैसी ने फिर उगला जहर, नाथूराम गोडसे को बताया हिन्दुस्तान का नं. 1 आतंकी

अपने जहरीले बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले AIMIM मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर से जहर उगला है। आपको बता दें ओवैसी हमेशा अपने भड़काऊ भाषणों के लिए जाने जाते हैं। इसी क्रम में ओवैसी ने एक बार फिर से एक जनसभा के दौरान भड़काऊ भाषण दिया है। ओबैसी पुणे में…

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जन्मदिन विशेष: नन्हे कहलाने वाले, कैसे बने भारत के दुसरे प्रधानमंत्री………..

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श्री लालबहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री थेI इनका जन्म 2 अक्टूबर 1904 को वाराणसी के समीप एक निर्धन परिवार में हुआ Iउनके पिता शारदा प्रसाद श्रीवास्तव और माँ रामदुलारी देवी थीं।हर वर्ष 2 अक्टूबर को शास्त्री जयंती मनाई जाती है, इस दिन लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिन के साथ साथ गांधी जयंती भी हैI जिन्हें…

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गाँधी के बारे में 15 बातें जो आपको पता होनी चाहिए

1. गांधी जी के दांत नकली थे। उनके पास नकली दांतों का एक सेट था। वह हमेशा अपने नकली दांतों को अपनी धोती में बांधकर रखते थे। सिर्फ खाने के समय ही इन्हें पहनते थे और बाकी समय धोती में गांठ लगा कर बांध लेते थे। 2. महात्मा गांधी के बड़े बेटे हीरालाल गांधी शराब…

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महात्मा गांधी और मनुबेन: एक अनकही कहानी

महात्मा गांधी की अंतरंग सहयात्री की हाल ही में मिली डायरी बताती है कि ब्रह्मचर्य को लेकर किए गए उनके प्रयोग ने मनुबेन के जीवन को कैसे बदल डाला. वह भारतीय इतिहास का एक जाना-पहचाना चेहरा है जो आखिरी दो साल में ‘सहारा’ बनकर साये की तरह महात्मा गांधी के साथ रही. फिर भी यह…

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सरदार पटेल का गाँधी को उनके ब्रह्मचर्य के प्रयोगों पर खत

25 जनवरी, 1947 लड़कियों के साथ गांधी के ब्रह्मचर्य के प्रयोगों पर सरदार पटेल के क्रोध की कोई सीमा नहीं थी. गांधी जब मरियम-हीरापुर में थे तब पटेल ने लिखा था, ‘‘किशोर लाल मशरूवाला, मथुरादास और राजकुमारी अमृत कौर के नाम आपके पत्र पढ़े. आपने हमें पीड़ा के अग्निकुंड में धकेल दिया है. मैं समझ…

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गांधी का ब्रह्मचर्य और स्‍त्री प्रसंग

नेहरू के विभिन्‍न स्‍त्रियों से सम्‍बन्‍धो की चर्चा तो हमेशा होती ही रही है किन्‍तु अभी गांधी जी के स्‍त्रियों के के सम्‍बन्‍ध पर मौन प्रश्‍न विद्यमान है। गांधी जी ने अपनी पुस्‍तक सत्‍य के प्रयोग में अपने बारे में जो कुछ लिखा है उसमें कितना सही है, यह गांधी से अच्‍छा कौन जान सकता…

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