निराश नही होना

हमें जब भी कोई बड़ी निराशा होती है, हम सोचते हैं ऐसा हमारे ही साथ हुआ है, जबकि ऐसी बात नहीं है। आप लोगों के जीवन में झांक कर देखें, जो लोग आपको ज़्यादा खुश दिखते हैं, उनसे बात कर के हमको पता चलेगा, उन्होंने कितने पापड़ बेले हैं।

तो ये रिजेक्शन, हम को और रचनात्मक होने, ऊर्जावान होने और बड़े कैनवास पर, काम करने के लिए प्रेरित करता है। जिसने असफलता को महूसस किया है, जो रिजेक्शन को याद रखता है, वो अक्सर दूसरों की इज्जत और मदद ज्यादा करता है।

दूसरों को अपना दुःख बताने की बजाए, उनकी बातें सुनता है, हौसला देता है कि- ‘सब ठीक हो जायेगा’! हर एक चीज में कुछ सकारात्मक ढूंढने से नकारत्मकता से बचा जा सकता है।

असफलता से लोग गंभीर निराशा में चले जाते हैं। सफल लोगों की असफलता और रिजेक्शन की कहानी, दूसरों के लिए एक प्रेरणा बन सकती है। एक ऐसे समय में जब कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र, अपनी एक असफलता और असफल होने की अशंका मात्र से हताशा के शिकार हो रहे हैं।

उनके शिक्षक उनके लिए प्रेरणा बन सकतें हैं। शिक्षक आपको सही राह दिखा सकते है पर आपको उनकी बात पर पूरा विश्वास होना चाहिए दूसरी  बात अगर आप ने अपने मन में ठान लिया की मुझे सफल होना है तो आपको कोई भी असफल नहीं कर सकता है

आप को हर समय सफलता की उम्मीद होना निराशा का एक बड़ा कारण है। आप जो नौकरी में, रिश्तों में, आश्वासनों में, निश्चितता चाहते हैं, असफलता उसका एक आयाम है। जैसे सफलता याद रखने चाहते हैं, वैसे ही आप को कुछ असफलताओं को भी याद रखना चाहिए।

राजनीतिक जीवन में शायद सबसे अधिक रिजेक्शन और असफलता मिलती है। अब्राहम लिंकन से लेकर डॉ. अम्बेडकर, लोहिया जी तक ने रिजेक्शन का सामना किया है और संघर्ष जारी रखा। इतिहास में आज उन लोगों की विशेष जगह है।

राजनीतिक कार्यकर्ता का धैर्य गज़ब का होता है, उनको एक पद और चुनाव के लिए 30-40 साल तक इंतज़ार करना पड़ता है फिर भी ज़रूरी नहीं उनको कि उनको वो पद मिले। राजनीतिक कार्यकर्ताओं से सीखना चाहिये कि रिजेक्शन से कैसे बाहर आएं, असफलता से कैसे सीख लें।

किसी ने ठीक ही कहा है कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, लहरों से जो डरे, वो नौका पार नहीं होती। यह कहावत बहुत बार अपने सुनी होगी पर सच कहें तो यह हम पर खूब बैठती है तो आपको निराश नहीं होना है

तो चलिए, अपनी कुछ असफलता को जग ज़ाहिर करें, दूसरे युवा लोग, जो आप को सफल समझते हैं, उनको लड़ने और संघर्ष करने की प्रेरणा मिलेगी। रिजेक्शन को स्वीकार करें, गले लगाएँ क्योंकि सफलता के शिखर पर भी कुछ कमी रह जाती है

और एक असफलता भी जीवन को कुछ कदम आगे बढ़ा देती है। दुनिया में ऐसे उदहारण भरे पड़े हैं जिन्होंने, कुछ असफलताओं के बावजूद, बुलंदियों को छुआ है। आप भी मुट्ठी तान के खड़े हो जाइये, दुनिया आप का लोहा मानेगी।

Comments

comments


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *