1. सन् 1948 में भारत सरकार ने ग्वालियर और उत्तरी भारत ट्रांसपोर्ट कम्पनी लिमिटेड के नाम से चल रही कम्पनी को अधिग्रहित कर लिया, जो बेहतर काम नहीं कर पा रही थी. और उसे दिल्ली ट्रांसपोर्ट सर्विस (DTS) के नाम से चलाने का फैसला किया.

2. दिल्ली रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने सन् 1950 में रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) के तौर पर काम करना शुरु किया.

यह सन् 1958 में दिल्ली ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग के नाम से MCD का हिस्सा बन गया.
3. अंतत:, सन् 1971 में DTU की कमान स्थानीय राज्य सरकार को सौंप दी गई.

4. आज, DTC बस सर्विस पूरी दुनिया की CNG से चलने वाली सबसे बड़ी बस सर्विस है.

5. DTC लगभग 18,000 लोगों को रोजगार प्रोवाइड कराता है.

6. DTC का बस कंडक्टर टिकट देने से पहले उसे दो जगह पर फाड़ता है. पहला उस जगह के लिए जहां से आप चढ़ते हैं, और दूसरा आपके गंतव्य स्टॉप के लिए.

7. ऑरेंज कलर की चलने वाली बसों का DTC से कोई लेना-देना नहीं होता.

8. DTC बसों में टिकट लेने के लिए आपको टिकट कंडक्टर तक ख़ुद जाना होगा.

9. DTC के काफ़िले में Tata Marcopolo बसें चलती हैं. Tata Marcopolo इंडिया के Tata Motors India और ब्राज़ील के Marco Polo का ज्वाइंट वेंचर है.

10. DTC की लाल बसें पूरी तरह से एयर कंडिशंड हैं और वहीं हरी बसें नॉन एसी हैं.
11. DTC बस के टिकट पर तीन या चार डिजिट में लिखा हुआ नंबर, उस बस के रूट का परिचायक होता है.







