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कैसे जीयें स्वस्थ जीवन :

जैसा कि हम सब जानते हैं कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है और स्वस्थ जीवन के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार का नियमित सेवन आवश्यक है। हमारे आहार का रोग से सीधा संबंध है। मानव शरीर सबसे सुंदर व जटिल मशीन की भांति है। इस मशीन को लगातार कार्य करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो कि आहार द्वारा प्राप्त होती है।

जिस प्रकार इंजन को सुचारु रूप से चलाने के लिए ऊर्जा व तेल की आवश्यकता होती है उसी प्रकार शरीर को सक्रिय रखने के लिए वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, चर्बी, रेशे, विटामिन तथा खनिज व सूक्ष्म तत्वों की आवश्यकता होती है। स्वस्थ जीवन के लिए कुछ ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता। हम अपने दैनिक खर्चे से ही स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

भोजन करने का सही समय :

जहां तक संभव हो भोजन का समय निश्चित रखें। दो भोजनों के बीच कम-से-कम पांच घंटे का अंतराल अवश्य रखें तथा इस समय में पानी या फलों के रस के सिवा और कुछ न लें। अगर आप भोजन समय पर करेंगे तो आपके भोजन का सिस्टम ठीक रहेगा और आपका पेट भी सही समय पर काम करना शुरू करेगा।

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भूख लगने पर ही खाना खाएं :

स्वास्थ्य की असली कसौटी भूख है, समय होने पर भी यदि भूख न लगे, खाना खाने की इच्छा न हो तो उस समय भोजन छोड़ दीजिए। भूख उस समय लगती है जब खाया हुआ भोजन पच जाता है तथा पाचन संस्थान पाचक एंजाइमों का स्रवण करने लगता है।

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यदि भूख से पहले ही भोजन कर लिया जाए तो भोजन कठिनाई से तथा बहुत देर में पचता है तथा कुछ अपच भी रह सकता है, जिससे पेट में कई प्रकार की गड़बड़ियां हो जाती हैं जिसके कारण स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है।

ज्यादा पानी पियें :

जल को जीवन का आधार माना जाता है। एक व्यक्ति को प्रतिदिन 10 गिलास पानी पीना चाहिए।खाना खाते समय बीच में पानी पीना बहुत हानिकारक है क्योंकि इससे पाचक तत्त्व पतले हो जाते हैं और उनका प्रभाव कम हो जाता है।

drink water

सुबह उठते ही लगभग आधा लीटर शीतल जल पीना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है। इससे शौच साफ होता है। इस जल में नीबू का रस भी डाला जा सकता है। सोते समय कम पानी पीना चाहिए।

सुबह की सैर करे :

सैर के लिए प्रात:काल का समय सर्वोत्तम है। इस समय वातावरण आनंददायक तो होता ही है, साथ ही वायु भी प्रदूषण व हानिकारक गैसों के प्रभाव से मुक्त होती है।

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प्रातः की सैर यदि हरी घास पर नंगे पांव की जाए तो सर्वोत्तम है। इससे शरीर स्वस्थ रहता है तथा थकान का अनुभव नहीं होता, नेत्रज्योति भी बढ़ती है।

भरपूर नींद लें :

समय पर पौष्टिक आहार लेना जरूरी है उसी प्रकार समय पर उचित नींद लेना भी जरूरी है। प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। इससे कम व ज्यादा नींद लेना दोनों स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक हैं।

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कभी कुछ कच्चा खाएं :

भोजन को अधिक पकाने से उसके पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं। कई बार तो लोग सब्जी या अन्य खाई वस्तु को बार-बार गर्म करके खाते हैं, यह हानिकारक है।

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इससे जहां तक संभव हो बचे तथा कुछ फलों या सब्जियों को कच्चा खाने यानी सलाद खाने की आदत डालें। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह काफी लाभकारी सिद्ध होगा

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