साहसी वीर व बुद्धिमान बालक जिसने गाय को बंदी बनाने वाले कसाई की काट दी थी, गर्दन……………..

shiva ji

शिवाजी को बचपन से ही पिता के स्नेह प्यार से वंचित रहना पड़ा था।.युद्धों में व्यस्त शाह जी कम ही समय में पुत्र और पत्नी के साथ वक्त बहुत कम बिता पाए थे। शिवाजी का जीवन संघर्ष से भरा हुआ है। आज हम आपको अपने भारत के वीर प्रतापी राजा शिवाजी के बचपन की कुछ वीरता…

Read More

जन्मदिन विशेष : क्रांतिकारी भगत सिंह और क्रांतिवीर सावरकर में क्या था रिश्ता जिसने हिला दिया संसद और बनाया इतिहास

bhagat singh

क्रांतिकारी भगत सिंह का नाम सबसे पहले : भारत के सबसे प्रभावशाली क्रान्तिकारियो की प्रथम सूची में क्रांतिकारी भगत सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। जब कभी भी हम उन शहीदों के बारे में सोचते है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिये अपने प्राणों की आहुति दी तब हम बड़े गर्व से भगत सिंह…

Read More

हिमाचल के काँगड़ा जिले में राजा अकबर ने माँ ज्वाला से जब मानी हार …………..

kangra temple

हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा से 30 किलो मीटर दूर स्थित ज्वालामुखी देवी का मंदिर है। ज्वालामुखी मंदिर को जोता वाली का मंदिर और नगरकोट भी कहा जाता है। ज्वालामुखी मंदिर को खोजने का श्रेय पांडवो को जाता है। इसकी गिनती माता के प्रमुख शक्ति पीठों में होती है। मान्यता है यहाँ देवी सती की जीभ गिरी थी।…

Read More

जितनी ख़ुशी मुझे इस जगह घूम कर हुई उतनी आज तक कहीं नहीं…….

KANGRA FORT

काँगड़ा नगरकोट किले का नज़ारा  काँगड़ा जिला जितना बड़ा है उतना ही इसका इतिहास बड़ा है। अगर हम काँगड़ा किले की बात करें तो यह अपने आप मे अनूठा है। काँगड़ा का किला ,नगरकोट , भीमनगर  नाम  से  प्रसिद्ध  यह  किला हिमाचल प्रदेश के  पुराना  काँगड़ा  शहर  के दक्षिण -पश्चिम  में  स्थित  है तथा बाण गंगा…

Read More

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में पर्वत मणिमहेश क्यूँ बना रहस्यमयी..

BABA

भगवान शिव से जुड़े देश भर में ऐसे कई स्‍थान हैं जो भोलेनाथ के चमत्कारों के गवाह रहे हैं। ऐसी ही एक जगह है मणिमहेश। कहते हैं भगवान शिव ने यहीं पर सदियों तक तपस्या की थी। इसके बाद से ये पहाड़ रहस्यमयी बन गया। यूं तो देश की ज्यादातर पहाडि़यों में कहीं न कहीं…

Read More

1857 की क्रांति के मुख्य क्रांतिकारी

1857 की क्रांति के विषय मे कहा जाता है कि 1857 की क्रांति की शुरुवात कुछ ब्रिटेश इंडियन आर्मी के भारतीय सैनिको के द्वारा किया गया विद्रोह था जिस को बंगाल और नॉर्थ इंडिय के कुछ हिस्से मे ही लड़ा गया था परंतु ये सत्य नही है| 1857 की क्रांति भारत के कुछ हिस्सो से…

Read More

फिक्शन नहीं शौर्य का प्रतीक हैं रानी पद्मिनी

रानी पद्मिनी

रानी पद्मिनी का जीवन परिचय:- रानी पद्मिनी सिंहल द्वीप (श्रीलंका) की अद्वितीय सुंदरी राजकन्या तथा चित्तौड़ के राजा भीमसिंह अथवा रत्नसिंह की रानी थी। उनके रूप, यौवन और जौहर व्रत की कथा, मध्यकाल से लेकर वर्तमान काल तक चारणों, भाटों, कवियों, धर्मप्रचारकों और लोकगायकों द्वारा विविध रूपों एवं आशयों में व्यक्त हुई है। बताया जाता…

Read More

चित्तौड़गढ़ के इतिहास में अमर है महारानी पद्मावती का अदम्य साहस..

Rani Padmawati

भारत के इतिहास में दफ़न 1303 का वो साल था, जब दिल्ली सल्तनत में खिलजी वंश के दूसरे शासक ने चित्तौडगढ़ पर कब्जा किया था। आज 700 साल बाद भी खिलजी की ‘क्रूरता’ और चित्तौडगढ़ की रानी पद्मावति के अदम्य साहस की कहानी सुनते ही दिल सिहर उठता है।   चित्तौड़गढ़ पर खिलजी की कूच…

Read More

परमवीर चक्र मेजर शैतान सिंह

परमवीर चक्र मेजर शैतान सिंह और उनके 114 साथियों का अप्रतिम बलिदान -18 नवंबर 1962 रेज़ांगला युद्ध की अनसुनी वीरगाथा 18 नवम्बर 1962 को चुशूल में मेजर शैतान सिंह और उनके 114 साथियों का अप्रतिम बलिदान इसका साक्षी है। उत्तर में भारत के प्रहरी हिमालय की पर्वत शृंखलाएं सैकड़ों से लेकर हजारों मीटर तक ऊंची…

Read More