भारत की पवित्र गंगा नदी की खास बात आप नही जानतें होगें…

गंगा नदी भारत की पवित्र नदी है। गंगा नदी 2,525 किलोमीटर लंबी है।  गंगा नदी  उत्तराखंड के जिले  उत्तरकाशी से निकलती  है और बंगाल की खाड़ी तक जाती  है।  लंबाई के आधार पर गंगा का भारत में तीसरा स्थान है। गंगा नदी मई अनेक सहायक नदियों का पानी मिलता है। जो इस नदी को विशाल …

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भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में पहला विश्वप्रसिद्ध मंदिर किस जगह आओ जाने….

समुद्र के किनारे सोमनाथ नामक विश्वप्रसिद्ध मंदिर स्थापित है। यह गुजरात प्रान्त के काठियावाड़ क्षेत्र में स्थित है। इस क्षेत्र को पहले प्रभासक्षेत्र के नाम से जाना जाता था। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से सोमनाथ पहला ज्योतिर्लिंग है। सोमनाथ का अर्थ “सोम के भगवान” से है।  यह एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थान और दर्शनीय स्थल…

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भगवान शिव की नगरी वाराणसी में क्या है खास, आओ जानें…..

काशी नगर की स्थापना :- वाराणसी का मूल नगर काशी था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, काशी नगर की स्थापना हिन्दू भगवान शिव ने लगभग 5000  वर्ष पूर्व की थी। जिस कारण ये आज एक महत्त्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। ये हिन्दुओं की पवित्र सप्तपुरियों में से एक है। कई हिन्दू ग्रन्थों में नगर का उल्लेख आता है।…

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‘ब्लू सिटी’, जिसे ‘सन सिटी’ भी कहा जाता है, आओ जानें क्या है? इसका पूरा इतिहास

जोधपुर एक लुभावना सुंदर शहर है, जहां हर जगह तेजस्वी नीले घर हैं। ‘ब्लू सिटी’, जिसे ‘सन सिटी’ भी कहा जाता है। राजस्थान के केंद्र के पास इसका स्थान पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाता है। जोधपुर के किले और महलों प्रमुख पर्यटक आकर्षण हैं।  उम्मेद भवन, जो कि होटल और संग्रहालय में परिवर्तित हो गया…

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राजस्थान के जयपुर शहर में हवा महल एक आकषर्ण केन्द्र…….

हवा महल भारत के जयपुर शहर में स्थित एक महल है। हवा महल को 1798 में महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने बनवाया था।  हवामहल को किसी महल नहीं बल्कि राजमुकुट की तरह डिजाइन करवाया गया। ये पहला ऐसा महल होगा। जिसे महल की तरह नहीं बल्कि भगवान कृष्ण के मुकुट की तरह से बनवाया गया।…

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Akshaya Tritiya 2018: इस दिन क्यों है शुभ सोना ख़रीदना ? जानिए कुछ महत्वपुर्ण जानकारी…

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार : बैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है। इस बार यह तृतीया 18 अप्रैल को है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहते हैं। भविष्य…

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Baisakhi 2018: क्यों मनाते हैं बैसाखी? जानिए महत्व

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बैसाखी पर्व का बड़ा महत्व : बैसाखी पंजाब, हरियाणा और आसपास के प्रदेशों का प्रमुख त्योहार है। इस दौरान रबी की फसल पककर तैयार हो जाती है। फसल काटने के बाद किसान नए साल का जश्न मनाते हैं। यही नहीं बैसाखी के दिन ही 1969 में सिखों के दसवें और अंतिम गुरु गोबिंद सिंह ने…

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विदेशी नौकरी को ठुकरा कर क्यों भारतीय सेना में शामिल हुई यह लड़की : जानिए

भारतीय सेना में हुई शामिल: जहां बेटियों को बेटों से कम समझा जाता है। लड़की हो या लड़का, इसे कोई फर्क नहीं पड़ता। जिन कार्यों पर सिर्फ पहले पुरुषों का ही दबदबा था, आज वहां महिलाएं भी कंधे से कन्धा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। श्रेयशी ने विदेश में लाखों रुपए की सैलरी पैकेज को ठुकराकर भारतीय सेना…

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रामनवमी 2018: क्या हैं रामनवमी पर्व का इतिहास, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त !

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रामनवमी का इतिहास:  राम नवमी भारत में एक बहुत ही लोकप्रिय त्योहार है जिसे बेहद उल्लास के साथ मनाया जाता है, इस साल राम नवमी 2018 का पर्व 25 मार्च को मनाया जाएगा। महाकाव्य रामायण के अनुसार अयोध्या क राजा दशरथ के घर किसी बालक की किलकारी नहीं गूंजी थी। इसके उपचार के लिए ऋषि…

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एक ऐसा मंदिर जहां आधुनिक विज्ञान भी हो जाता है नतमस्तक

तमिलनाडु का बृहदेश्वर शिव मंदिर चोल वास्तुकला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसे चोल शासक राज प्रथम ने बनवाया था। इसलिए इसे राजराजेश्वर नाम भी दिया गया है। बृहदेश्वर मंदिर पूरी तरह से ग्रेनाइट नि‍र्मि‍त है। विश्व में यह अपनी तरह का पहला और एकमात्र मंदिर है जो कि ग्रेनाइट का बना हुआ है।…

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