जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद को बड़ी राहत :

26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद को बड़ी राहत मिली है। पाकिस्तान के पंजाब न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने वैश्विक आतंकी घोषित किए जा चुके हाफिज सईद को रिहा करने के आदेश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सईद को गुरुवार को रिहा किया जा सकता है।

बोर्ड के आदेश के बाद हाफिज ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है। हाफिज ने कहा, ‘ये मेरी आजादी नहीं, पाकिस्तान की आजादी है और जैसे आज मैं आजाद हुआ हूं, एक दिन कश्मीर भी आजाद होगा। भारत की मुझे जेल में रोकने की तमाम कोशिशें नाकामयाब रही।

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पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध का सामना :

आतंक का ये आका अब खुली हवा में सांस लेगा। हाफिज सईद को इस साल जनवरी में उसके घर में नजरबंद किया गया था। पिछले हफ्ते इस मामले पर सुनवाई के दौरान प्रांतीय सरकार ने हाफिज सईद की नजरबंदी तीन महीने बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन बोर्ड ने इस मांग को खारिज कर दिया था।

पाकिस्तान की पंजाब सरकार की ओर से कहा गया था कि सईद को नजरबंदी से रिहा किया गया तो पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल अमेरिका ने हाफिज सईद को वैश्विक आतंकी घोषित कर रखा है। मामले की सुनवाई के दौरान बोर्ड ने कहा, ‘अगर जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो उसकी रिहाई का आदेश दिया जाता है।

पाकिस्तान एक बार फिर दुनिया को बेवकूफ बना रहा :

पिछले महीने बोर्ड ने हाफिज सईद की हिरासत 30 दिनों के लिए बढ़ाने की इजाजत दी थी और यह मियाद इस सप्ताह पूरी हो रही है। बताया जा रहा है कि इस बोर्ड में लाहौर हाई कोर्ट के भी कुछ जज शामिल थे। विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम ने पाकिस्तान बोर्ड के इस फैसले को ‘मूर्ख बनाने वाला फैसला’ करार दिया। निकम ने कहा कि सईद की रिहाई का दिखावा कर पाकिस्तान एक बार फिर दुनिया को बेवकूफ बना रहा है।

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अब अमेरिका को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि अमेरिका ने हाफिज सईद को वैश्विक आतंकी घोषित किया है। बताते चलें कि इसी साल 31 जनवरी को पंजाब सरकार ने हाफिज सईद और उसके चार सहयोगी अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन को आतंकवाद निरोधी कानून के तहत नजरबंद कर दिया था।

 

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब के गृह विभाग के अधिकारी ने बताया कि उनके पास सईद के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, जो उसकी नजरबंदी को सही ठहराते हैं। हालांकि पाकिस्तानी मीडिया अपनी रिपोर्ट्स में बता रहा है कि पाकिस्तान सरकार हाफिज सईद की नजरबंदी बढ़ाने को लेकर कोर्ट में पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाई, जिसकी वजह से बोर्ड ने उसकी नजरबंदी को खत्म करने का फैसला किया है।

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