व्हाट्सएप पर एएमयू के प्रोफेसर ने बीवी को दिया तलाक, प्रोफ़ेसर ने नहीं माना सुप्रीम कोर्ट का फैसला!

teen tlaak

यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर पर तलाक देने का आरोप :

सुप्रीम कोर्ट के तीन तलाक के खिलाफ फैसला सुनाने के दो महीने बाद भी लगातार ट्रिपल तलाक के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही मामला जो सामने आया है वो है यूपी के अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का है, जहाँ यूनिवर्सिटी के  एक प्रोफेसर की पत्नी ने अपने शौहर पर व्हाट्सएप के जरिए उन्हें तलाक देने का आरोप लगाया है।

तलाक देने के बाद मुझे घर से बाहर निकाला :

महिला ने पिछले हफ्ते पुलिस में जाकर अपने पति के खिलाफ शिकायत की।  महिला का आरोप है कि उनका पति उन्हें ‘परेशान’ कर रहा है। उन्हें घर में घुसने से रोकने के लिए उसने ताला लगा दिया है।

यासमीन का कहना है कि तलाक देने के बाद मुझे घर से बाहर निकाल दिया गया है, मैं तब से न्याय के लिए इधर-उधर भटक रही हूं। लेकिन अभी तक कहीं से कोई मदद नहीं मिली है। शुक्रवार को पुलिस की मदद से मैं घर के अंदर घुस पाई।

न्याय नहीं मिला तो बच्चों के साथ कर लेंगी आत्महत्या :

मुस्लिम महिला यासमीन का कहना है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता तो वह एएमयू के वाइस चांसलर के घर के बाहर अपने बच्चों के साथ आत्महत्या कर लेंगी। यासमीन ने बताया कि प्रफेसर खालिद यूसुफ ने उन्हें वॉट्सऐप पर और फिर एसएमएस के जरिए तलाक दिया है।

इस बारे में एएमयू के प्रोफेसर ने कहा कि मामला अक्टूबर के पहले हफ्ते से विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार, उन्होंने तय समयावधि के बाद अपनी पत्नी को दो नोटिस भेजे और अंतिम भेजने की तैयारी कर रहे थे।

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प्रोफेसर ने कहा मेरे पास दस्तावेजी सबूत :

प्रोफेसर ने दावा किया कि उनके पास दस्तावेजी सबूत हैं जो साबित करेंगे कि उनकी पत्नी ने अपने अतीत के बारे में उन्हें गुमराह किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पत्नी के साथ टकराव से बचने के लिए अपना आधिकारिक बंगला अपनी मर्जी से छोड़ दिया।

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सूत्रों के अनुसार आरोप लगाने वाली मुस्लिम महिला यासमीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा कि उनके पति ने सुप्रीम कोर्ट के ‘तीन तलाक’ पर हालिया फैसले के खिलाफ कदम उठाया है।

 


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