यूं तो कलाम साहब की हर बात निराली थी, उनके जीवन का हर पहलू लोगों के लिए प्रेरणा श्रोत है लेकिन उन्हें प्रेरणा किससे मिली यह बात भी काफी दिलचस्प है। कहा जाता है कि मिसाइल मैन के नाम से मशहूर एपीजे अब्दुल कलाम एक बार बचपन में रामेश्वरम के समुद्र तट के किनारे बैठे थे जहां उन्होंने एक पक्षी को देखा जो कि एक विमान की तरह दिख रहा था, बस वो ही पक्षी उनके लिए प्रेरणा का सबब बन गया।

उस पक्षी ने ही बेबी कलाम को गुरूत्वाकर्षण के नियम और भौतिक विज्ञान से अवगत कराया था, कलाम साहब से  जुड़े ऐसे कई दिलचस्प किस्से आपको किताब ‘री-इग्नाइटेड : साइंटिफिक पाथवेज़ टू ए ब्राइटर फ्यूचर’ में पढ़ने को मिलेंगी। कलाम साहब को बच्चों से बहुत लगाव था क्योंकि उनका कहना था कि बच्चों के पास हमेशा ही सीखने की लगन रहती है, वो नई नई चीजों के बारे में सोचते हैं और नई नई चीजों का सृजन करते हैं।

मालूम हो कि ऐसे ही रोचक कहानियों को समेटे देश के बेटे एपीजे अब्दुल कलाम आज कालचक्र का शिकार हो गये। जीवन गतिमान होता है और मृत्यु निश्चित है…इस बात को सब जानते हैं लेकिन किसी को भी इस सच का इंतजार नहीं होता इसलिए अभी तक लोगों को भरोसा नहीं हो रहा है कि कल्पना की उड़ान भरने वाले कलाम साहब आज हमारे बीच नहीं रहे।

Source – One India

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