राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारणी के सदस्य और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार ने सेक्युलरिज्म बढ़ाने के लिए मुस्लिम-ईसाइयों को भी मंदिर जाने की सलाह दी है।
घर वापसी के लिए नया फार्मूला

मुस्लिमों की घर वापसी के एजेंडे पर अभी विराम नहीं लगा है, अब इसके लिए नया फार्मूला बनाया गया है। सदभाव, तर्क, दंड के तीन सूत्रीय फार्मूले के आधार पर घर वापसी कराने की रणनीति तैयार की गयी है। कारसेवक पुरम में आयोजित बैठक में इंद्रेश कुमार ने कहा, ”धर्म परिवर्तित करके इस्लाम अपनाने वाले लोगों को तर्क, सदभाव और दंड से ही वापस लाया जा सकता है। लोभ और जबरन उनकी घर वापसी नहीं कराई जा सकती है।”

‘नफरत की वजह से बदला धर्म’

इंद्रेश कुमार ने धर्म परिवर्तन के लिए लोगों के प्रति हिंदू समाज की नफरत को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा,”जो लोग कभी गाय को पूजते थे वह गाय को कैसे काट सकते हैं। इसके पीछे उनके प्रति हिंदू समाज की नफरत जिम्मेदार है।”

‘जिन्हें रूहानी ताकत में यकीन रखते हैं उनके लिए अयोध्या उपयुक्त’ इंद्रेश कुमार ने कहा, ”अयोध्या उनके लिए सबसे उपयुक्त स्थान है जो किसी भी रूहानी ताकत में यकीन रखते हैं। चाहे वह किसी भी धर्म या मजहब के हों अयोध्या जरूर आते हैं। क्योंकि वह जानते हैं अयोध्या धार्मिक नगरी है और यहीं भगवान राम ने स्वंय अवतार लिया था।”

‘इस्लाम में सुधारवादी प्रक्रिया बंद होने से नुकसान’ इंद्रेश कुमार ने कहा,”इस्लाम में सुधारवादी प्रक्रिया बंद होने से काफी नुकसान हुआ। इसी वजह से सबसे अधिक तलाकशुदा महिलाएं इसी समाज से आती हैं। यही नहीं 18 मुस्लिम देशो में आपसी जंग में 11 लाख से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। पूरी दुनिया में जितने भी विस्थापित हैं, उसमे सबसे बड़ी संख्या इन्हीं मुस्लिम देशों की है।”
Source-Bhaskar.com

 

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