आप खुद अपनी सेहत का ख्याल रख सकते है,खुद का डॉक्टर बनकर | कहा भी गया है कि धन गया तो कुछ नहीं गया, मगर सेहत और चरित्र गया तो सब कुछ चला गया। शरीर ही सभी चीज का साधन है। ऐसे में सेहत का जरूरत से ज्यादा ख्याल रखना चाहिए। मौजूदा समय भाग-दौड़ भरी लाइफ लोगों को तेजी से बीमार बना रही है।

पैसा खूब है,मगर समय से खाने का वक्त नहीं है। खाने का वक्त है,तो पौष्टिक चीजें नहीं खा रहे हैं। अच्छा खा रहे हैं,मगर अच्छी नींद नहीं आ रही है। ऐसी तमाम तकलीफों से लोग इस जमाने में दो-चार हो रहे हैं। ऐसे में हम आपको सात टिप्स से रूबरू करा रहे हैं।

जो आप खुद डॉक्टर बनकर कर सकते है और दूसरों को भी बता सकोगे,जिससे लोग आपको डॉक्टर भी समझेंगे और आपकी बात भी मानेगे और जिसमें कोई खर्च नहीं आने वाला है। हर कोई इसे आजमा सकता है। अगर पूरी ईमानदारी से इन टिप्स को आजमाएंगे तो बीमार होने से बच सकते हैं।

1.अच्छा खाओ सेहत स्वस्थ बनाओ  

अच्छा खाना आपको हमेशा सेहतमंद बनाता है, आप हर दिन आहार कैसा लेते हैं, स्वास्थ्य का सारा ताना-बाना इसी पर आधारित है। लिहाजा हमें खानपान को लेकर जरूरत से ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए।

अगर आपका खाना अच्छा और पौष्टिक होगा तो वह आपकी सेहत को भी अच्छा बनाएगा वही इसमें आपने लापरवाही बरती तो आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

आपको कौन सा आहार खाना चाहिए क्या नहीं, यह अपनी बॉडी के हिसाब से डायटीशियन से परामर्श कर तय करें।

आयुर्वेद में कहा गया है कि हमें अपनी प्रकृति हिसाब से आहार लेना चाहिए। अगर आप में पित्त की मात्रा बहुत अधिक है तो आप पीली वस्तुओ जैसे कि ज्यादा तेल, हल्दी और इसी तरह की पीली चीजो से परहेज करे।

आप अपने प्रतिदिन के भोजन में विटामिन्स, प्रोटीन्स, वसा, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स आदि सभी चीजो को संतुलित मात्रा में अपने आहार में शामिल करे।

2. दिनचर्या का रखे पूरा ख्याल

आप जानते हो जब आपकी दिनचर्या शुरू होती है तो आपको हर चीज़ का ध्यान रखते हुए पूरी प्लानिंग के साथ चलना होगा | दिनचर्या से ही जिंदगी की सफलता तय होती है और इसी से हमारी सेहत का भी कनेक्शन होता है। अगर हमारी रुटीन लाइफ सही होगी तो सेहत भी अच्छी होगी।

जब हमारी दिनचर्या रोजाना एक जैसी होती है तो इससे हमारे Mind को हमारे शरीर को समझने में बड़ी आसानी होती है और वह हर काम को बड़ी सहजता से करता है।

सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक, नाश्ते से लंच व डिनर हर गतिविधि का टाइम फिक्स होना चाहिए। रात में भोजन के एक से दो घंटे बाद ही सोना चाहिेए।

भोज़न करते समय पानी न पियें क्यूंकि जब हम भोजन के साथ पानी पीते है तो भोजन को पचने में समय बहुत लगता है दूसरी बात भोजन शरीर को लगता नही,जिस से बीमारी हमें जल्दी लगती है तो आप भोजन करने के 20-25 मिनट बाद ही पानी पियें।

3- अपने आप को ऐसे बदलो जिस तरह मौसम

हमें अपने यार-दोस्तों से भले हमेशा एक जैसा व्यवहार करना चाहिए मगर खान-पान और रहन-सहन में मौसम की तरह बदलना सीखें। इसे ऋतुचर्या कहते हैं। इसका मतलब है कि ऋतु के हिसाब से खुद को ढाल लेना। ठंडी, गरमी और बरसात में उसी मौसम के अनुकूल आहार लेना चाहिए।

प्रकृति ने हर मौसम के अनुकूल फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ बनाये है।कोल्ड स्टोरेज में रखा तरबूज या बेल, मटर आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

बरसात के महीने में सेवन नहीं करना चाहिये तथा ठंड के दिनों में हमें ठंडी चीजो का सेवन नहीं करना चाहिए।यही नियम अन्य चीजो पर भी लागू होता है।

गर्मी बढाने वाले आसनों को गर्मी के दिनों में न करे।सेहत के लिए मुद्राओ का अभ्यास भी जरुरी है। मानसिक परेशानी से निजात दिलाने के लिेए कई आसन हैं।

जैसे – ज्ञान मुद्रा, यह मुद्रा अंगूठा और तर्जनी को मिलाने से बनती है। इसको रोजाना करने से याददाश्त बढती है और मानसिक बीमारियों को दूर करने में मदद मिलती है।  इससे अनिद्रा और चिडचिडापन भी दूर होता है।

4. करे योग रहें निरोग

योग फिटनेस का दूसरा नाम है।  योग हमारे जीवन का अभिन्न अंग होता जा रहा है। योग द्वारा कई लोगो ने गंभीर बीमारियों से निकलकर स्वस्थ जीवन हासिल किया है।

इससे शरीर जहां स्वस्थ होता है तो दिमाग को भी शांति मिलती है। आप तब पूर्ण रूप से स्वस्थ होते हैं तब आप न केवल शारीरिक रूप से अपितु मानसिक एवं भावात्मक रूप से स्वस्थ होते हैं।

जीवन की गतिशीलता हैं जो बताती हैं कि आप कितने ख़ुशी,प्रेम और ऊर्जा से भरे हुए हैं।”योग हमे बैठने का तरीका,प्राणायाम तथा ध्यान संयुक्त रूप से सिखाता हैं।नियमित रूप से अभ्यास करने वाले को असंख्य लाभ प्राप्त होते हैं।

5. Happy रहने के लिए Positive सोच जरुरी

कोई भी इंसान हो,उसकी ज़िन्दगी में ख़ुशी और गम साथ रहता ही है। हमेशा ख़ुशी को संभाल कर रखे और गम को भूल जाए। इसलिए जो भी परेशानियां हो उसका हल हमें सकारात्मक सोच से खोजना चाहिए। इससे आपकी सेहत और आपकी खूबसूरती भी कम नही होगी। आपकी हंसी ही आपकी सुंदरता और सेहत के लिए एक टॉनिक है।

ज्यादातर तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं नकारात्मक सोच की की वजह से पैदा होती है। इसलिए तनाव व डिप्रेशन से निजात पाने के लिए हमें अपनी सोच को सकारात्मक बनाना होगा।

आपको अपनी सकारात्मक सोच को बढाने के लिए रोजाना भ्रामरी का अभ्यास करना चाहिए। रोज सूर्योदय होने से पहले बिस्तर छोड़ दें। सकारात्मक सोच के लिए आप अच्छा सत्संग, आसन, व्यायाम, मुद्राओ का अभ्यास और अच्छी संगती कर सकते है।

इसके अलावा अपना मनपसंद गीत-संगीत भी सुन सकते हैं। खुद को कभी भी एकांत में न रखें।

6.किसी भी बात की टेंशन न ले

एक पुरानी कहावत है कि ”चिंता इंसान को चिता बना देता है”.इसलिए चिंता न करे तो आप चिता के सामान नहीं होंगे। कहने का मतलब जितना चिंता करेंगे उतनी सेहत ख़राब होगी और खूबसूरती पर भी उतना ही असर पड़ेगा।

7.सेहत का राज़-गुस्सा न करें 

कोई भी इंसान चाहे जितना भी खूबसूरत हो और उसका सेहत ठीक हो लेकिन अगर वो बार-बार छोटी-छोटी सी बात पर गुस्सा करेगा तो उसका सेहत ख़राब होगा ही।

सेहत के साथ-साथ उसके खूबसूरती पर भी असर पड़ेगा। ज्यादा गुस्सा करने से चेहरे में पिंपल, झाईयां पड़ सकती है। साथ ही गुस्सा करने से मानसिक तनाव, सिरदर्द, नींद न आना जैसी बीमारियां हो सकती है।इसलिए हमेशा हंसते मुस्कुराते रहना चाहिए।

Comments

comments


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *