एक ऐसी ही कहानी जिसमे अपने आपको परखने का सही समय मिला और सबसे वाह-वाई पायी राजा के दरबार में, कहानी कुछ ऐसी है: सर्दियों के दिन थे, इसलिये राजा का दरवार खुले मे लगा हुआ…