भारतीय सेना की शान है ये रेजिमेंट, नाम सुनते ही कांपने लगते है दुश्मन

1857 से पहले ही अंग्रेजों ने अपनी फौज में गोरखा सैनिकों को रखना आरम्भ कर दिया था. 1857 के भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में इन्होंने ब्रिटिश सेना का साथ दिया था क्योंकि उस समय वे ईस्ट इंडिया कम्पनी के लिए अनुबंध पर काम करते थे. गोरखा नेपाल के लोग हैं. जिन्होंने ये नाम 8 वीं…

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