प्रतिभा के धनी इन बच्चों ने किया देश का नाम गर्व से ऊंचा !

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हमारे देश में प्रतिभा की कमी नहीं हैं, तभी तो आये दिन छोटे-छोटे बच्चे ऐसे-ऐसे कमाल कर देते हैं और पूरी दुनिया में देश का नाम रौशन करते है। आइये ऐसे की कुछ बच्चों से आपको रूबरू करवाते है। जिससे आपके बच्चे को भी प्रेरणा मिलेगी।

अनंग तदार :

अरुणाचल प्रदेश के एक स्टूडेंट ने कमाल कर दिखाया उसने ऐसा चश्मा बनाया है, जिसकी मदद से अब दृष्टिहीन स्टिक का सहारा लिए बगैर चल सकेंगे। इस चश्मे का आविष्कार करने वाले हैं अनंग तदार।

जो कि 11वीं कक्षा के छात्र हैं।इस अविष्कार के लिए अनंग को साल 2017 का प्रसिद्ध इग्नाइट अवार्ड, दीनानाथ स्मार्ट आइडिया इनोवेशन अवॉर्ड सहित कई अन्य पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

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अकृत जायसवाल:

अकृत दुनिया के सबसे कम उम्र के सर्जन है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ़ 7 साल की उम्र में ही अकृत ने पहली सर्जरी की थी। वो भी अपनी पड़ोस में रहने वाली 8 साल की लड़की का, जिसका हाथ बुरी तरह जल गया था।

जिसकी वजह से वो अपनी उंगलियां नहीं खोल पा रही थी। अकृत ने उसकी सर्जरी की और जो पूरी तरह सफल भी रही। अकृत का जन्म हिमाचल प्रदेश के नूरपुर में हुआ है।

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त्रुप्तराज पांड्या:

3 साल की उम्र में त्रुप्तराज ने एक लाइव शो में तबला बजाकर गिनिज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा लिया। आपको जानकर हैरानी होगी।

महज 18 महीने की उम्र से ही त्रुप्तराज ने तबला बजाना शुरू कर दिया था और अब तक वो कई बार दर्शकों के सामने तबला बजा चुके हैं।

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कौटिल्य पंडित:

6 साल की उम्र में ही उसे राजनीति, भूगोल, जीडीपी आदि के बारे में भी सब कुछ पता था। हर सवाल का तुरंत जवाब देने की वजह से ही कौटिल्य का नाम गूगल बॉय पड़ गया।

गूगल बॉय के नाम से मशहूर कौटिल्य का मस्तिष्क किसी सुपर कंप्यूटर से कम नहीं है। उसे 213 देशों के बारे में पूरी जानकारी है।

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किशन श्रीकांत:

10 साल की उम्र में ही किशन ने “C/o फुटपाथ” नामक पहली फीचर फिल्म बनाई। गिनिज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मे किशन का नाम सबसे कम उम्र के फीचर फिल्म डायरेक्टर के तौर पर दर्ज हो चुका है।हैरत की बात है कि10 साल की उम्र तक वो करीब 24 फिल्मों में एक्टिंग भी कर चुके थे।

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एडमंड थॉमस क्लिंट:

महज 7 साल की छोटी सी उम्र में ही दुनिया को अलविदा कहने वाले एडमंड ने इस छोटी सी ज़िंदगी में 25,000 से ज़्यादा पेंटिंग्स बनाई थी।

18 साल की उम्र तक के बच्चों के लिए आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में एडमंड को पहला स्थान मिला था, उस वक्त उसकी उम्र सिर्फ 5 साल थी। केरल में एक सड़क का नाम एडमंड के नाम पर रखा गया है।

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प्रियांशी सोमानी:

ये लड़की चुटकियों मे गणित के मुश्किल से मुश्किल सवाल भी हल कर लेती है। इसे चलता-फिरता कैलकुलेटर कहा जाए तो गलत नहीं होगा। हिमांशी ने 2010 में मेंटल कैलकुलेशन वर्ल्ड कप भी जीता था।

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इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली प्रियांशी सबसे कम उम्र की प्रतिभागी थी। प्रियांशी अकेली प्रतियोगी है जिसके अब तक के 5 मेंटल कैलकुलेशन वर्ल्ड कप्स में सभी चीज़ें सौ फीसदी सही रही है चाहे हो जोड़, गुणा हो या स्क्वायर रूट।

 


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