पेट्रोल-डीजल की कीमत में मिली राहत:

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के कारण 19 दिन तक की मूल्यवृद्धि पर रोक के बाद 14 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दैनिक बढ़ोतरी शुरू की गई थी। तब से लेकर अब तक पेट्रोल में 3.80 रुपये और डीजल में 3.38 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। जिसके बाद देशभर में तेल की कीमतों को कम करने की मांगें उठ रही थीं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट:

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में कुछ नर्मी की वजह से ये गिरावट नज़र आ रही है। तेल की कीमतों में इस कटोती के बाद दिल्ली में गुरुवार को पेट्रोल के दाम 78.42 रुपये से गिरकर 78.35 रुपये प्रति लीटर, जबकि डीजल 69.30 से घटकर 69.25 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। उधर मुंबई में पट्रोल 86.16 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है, जबकि बुधवार को पेट्रोल 86.23 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा था।

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वित्त वर्ष 2017 और 2018 में भारत द्वारा आयातित कच्चे तेल की औसत कीमत 47.56 डॉलर और 56.43 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर थी जो अप्रैल, 2018 में बढ़कर 69.30 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इस महीने की शुरुआत में 80 डॉलर का स्तर छूने के बाद इसमें गिरावट आई और यह 28 मई को 75.95 डॉलर पर पहुंच गई। इसकी वजह से अगले दो-तीन दिन में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में कमी आएगी।

कंपनियों का मुनाफा बढ़ा:

तेल की मार्केटिंग करने वाली सबसे बड़ी सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन को 31 मार्च को समाप्त तिमाही में 5218 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ।

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पिछले साल के मुकाबले इसमें 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के लाभ में भी 45 फीसदी की वृद्धि हुई है।

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