उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार ने जनता से वादा किया था की अगर उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार बनती है तो वैध और अवैध रूप से चल रहे सभी बूचडखाने बंद कर दिए जायेंगे. शायद यूपी की जनता ने इस वादे के लिए भी बीजेपी के पक्ष में वोट दिया हो. चुनाव हुए परिणाम आये, यूपी में बीजेपी को ऐतिहासिक बहुमत प्राप्त हुआ. जिसके चलते यूपी में भाजपा ने अपने फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बना कर प्रदेश की कमान सौंप दी. भाजपा ने अपने वादे के अनुसार सबसे पहला काम इलाहावाद में सपा और बसपा के समय से चल रहे अवैध बुचडखानों को सील करने का किया.

जब से योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में पशुओं की ह्त्या जैसे निर्मम अपराध को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू किये हैं तो मुलसमान कट्टरपंथियों के पेट में दर्द होना शुरू हो गया है. वोट बैंक की राजनीति करने वाले राजनैतिक ठेकेदारों ने इलाहाबाद नगर निगम को चेतावनी देकर कहा है की इन बुचडखानों को दोबारा से खोला जाए वरना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहो. अब कोई यह समझाए की यह मुसलमान आखिर क्यूँ शान्ति नहीं चाहते , क्या इनको शान्ति प्रिय नहीं है?  अगर योगी सरकार ह्त्या जसी निर्मम अपराध को रोकना चाहती है तो बजाय इन लोगों को सरकार का सहयोग करने के यह लोग विरोध करने पे उतर आये हैं.

इन लोगों की फितरत ही यही है ऐसा कई बार देखा जा चुका है. मुसलमानों के तथाकथित मसीहा लोग जिन्हें आधुनिक भाषा में दलाल या ठेकेदार कहा जाता है, यही इनकी शान्ति और तरक्की के सबसे बड़े दुश्मन है. यह बात देश का हर मुसलमान जितना जल्दी समझ जाए उतना ही अच्छा रहेगा. हमेशा से ही मुसलमानों को बरगलाकर बीजेपी का डर दिखाकर उनके मन में भ्रम पाले रखा और अपनी राजनीति की रोटियाँ सेंकते रहे और सत्ता की मलाई चाटते रहे. अब जब उत्तर प्रदेश में योगी सरकार साफ़ कर चुकी है की वह समान रूप से लोगों का विकास करेगी किसी को कोई किसी से भय खाने की जरुरत नहीं है तो ऐसे में मुसलमानों के कुछ ठेकेदार टीवी मीडिया में “मुसलमान किसी से डरता नहीं है न ही डरेगा योगी अपना नजरिया बदलें ” जैसे भड़काऊ बयान क्यूँ दे रहे हैं?

क्या ऐसा करके यह देश में किसी अशांति का संकेत नहीं दे रहे? हालांकि योगी सरकार ने पहले ही कहा है की यह सनातन सभ्यता के अनुयायिओं की धरती है किसी मुगलों के बाप दादाओं की जागीर नहीं. यहं रहने वाला हर व्यक्ति हिन्दुस्तानी है उसकी सोच पंथ मजहब बेशक अलग हो सकते हैं लेकिन जीवन जीने के नजरिये से सब हिन्दू ही हैं. यहाँ कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे.

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