आज हम आपको उत्तर प्रदेश के मथुरा के एक ऐसे गांव के बारे बताने जा रहे हैं जहां जाने से पहले पुलिस को सूचना देनी पड़ती है। और ये हम नहीं कह रहे खुद पुलिस ने बोर्ड लगा रखे हैं कि अगर आप इस गांव में जा रहे हैं तो मथुरा के बरसाना थाना पुलिस को बताकर जाएं या फिर गांव के आसपास रहने वाले दूसरे लोगों को।

मथुरा पुलिस ने सावधान करने वाले बोर्ड जगह-जगह लगाए हुए हैं। मथुरा के इस गांव का नाम है हाथिया। जी हाँ पुलिस ने चेतावनी देते हुए बोर्ड पर लिखवाया है कि अगर आप सस्ती सोने की ईंट खरीदने, सस्ता लोहे का स्क्रैप खरीदने, सस्ते आरओ प्लांट, लिफ्ट, सीसीटीवी, जनरेटर और जमीन खरीदने हाथिया गांव जा रहे हों तो सावधान हो जाएं, क्यों कि आपके साथ धोखाधड़ी हो सकती है।

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मथुरा पुलिस के मुताबिक ये ठगों का गांव है। इस गांव के ठग देशभर में ठगी करते हैं। इस बात का सुबूत इससे मिलता है कि अक्सर इस गांव में दूसरे राज्यों की पुलिस आती रहती है. कभी राजस्थान तो कभी हरियाणा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र आदि राज्यों और यूपी के दूसरे जिलों की पुलिस यहां दबिश देने के लिए आती रहती है।

hathiya

टटलुओं के नाम से फेमस है ये गांव-

इस गांव के लोग टटलुओं के नाम से फेमस है। इस गांव के लोग दूसरी जगह जाकर प्रचार करते हैं कि हमारे गांव में सोने की कई ईंटें निकली हैं. पुलिस के डर से बचने को हम इन्हें बेचने निकले हैं. सस्ते सोने के चक्कर में लोग इनके झांसे में आ जाते हैं।

अगर कोई इनकी ईंट को पहले चेक करना चाहे तो ये पहले एक छोटा सा शुद्ध सोने का टुकड़ा दे देते हैं. जांच में वो खालिस सोना निकलता है. इसके बाद ईंट का सौदा हो जाता है. सौदा पक्का होने पर टटलू पीतल की ईंट बेच जाते हैं।

पशु एवं वाहनों के बदले वसूलते हैं फिरौती-

अगर इस गांव के टटलुओं को जब कभी भी मौका मिलता है तो ये टटलू किसानों के पशु चुराकर ले जाते हैं. उसके बाद पशु मालिक के पास संदेश भेजा जाता था कि आपका पशु हमारे पास हैं. अगर आपको पशु वापस चाहिए तो इतना रुपये दो और पशु ले जाओ।

इसी तरह से ये टटलू किसी का भी वाहन चुरा लाते हैं या रास्ते में लूट लेते हैं. उसके बाद वाहन को गांव के अंदर ले जाते हैं. उसके बाद वाहन मालिक से फिरौती मांगी जाती है। लेकिन धीरे-धीरे टटलूओं के ये तरीके आम हो गए. पुलिस और लोग भी ज्यादा जागरुक हो गए. इसलिए अब टटलूओं ने भी ठगी के ये तरीके इस्तेमाल करना कम कर दिया है. अब टटलू हाईटैक होकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।

वेबसाइट पर सस्ते लोहे और सोने का देते हैं लालच-

टटलूओं ने ठगी का ये नया तरीका निकाला है. वह अब वेबसाइट के जरिए सस्ता लोहा और सोना बेचने की बात कहकर लोगों को झांसा देते हैं. वेबसाइट पर सोने और लोहे के रेट ऐसे बताए जाते हैं कि 400-500 किमी दूर बैठा व्यापारी लालच में फंस जाता है. व्यापारी तुरंत ही फोन पर संपर्क करता है.

हाल ही में चेन्नई का एक व्यापारी श्याम ऐसे ही फंसा था. टटलूओं ने उसे बुला लिया. उसके बाद भरतपुर के गोदाम में लोहा होने की बात कहकर उसे भरतपुर ले जाने लगे. लेकिन उससे पहले ही उसे गांव के अंदर ले जाकर बंधक बना लिया. उससे चेन्नई फोन करवा कर 90 लाख रुपये की फिरौती मंगाने को कहा गया. कई दिन की मशक्कत के बाद फिरौती की रकम 30 लाख तय होने और बैंक खाते में आने के बाद उसे छोड़ा गया.

ऐसे ही मथुरा के कुछ टटलूओं ने ओएलएक्स पर सोने के सस्ते बिस्किट बेचने का लालच दिया था. कुछ लोगों ने संपर्क भी किया. सौदा तय होने के बाद कुछ व्यापारी टटलूओं के बताए पते पर पहुंच गए. टटलू तुरंत ही व्यापारियों को हाथिया गांव में ले गए. वहां कई दिन तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया. लाखों रुपये की उनसे फिरौती मंगवाई गई. फिरौती आने पर ही उन्हें छोड़ा गया।

पुलिस से सीधी टक्कर लेते हैं टटलू-

टटलूओं की ठग पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है तो इसके पीछे एक बड़ा कारण है पुलिस की कार्रवाई का न होना. टटलूओं से जुड़ी बहुत कम घटनाएं ऐसी हैं जिसमें पुलिस की कार्रवाई हो पाती है. टटलूओं के कई जानकार बताते हैं कि पुलिस कार्रवाई न होने के पीछे एक बड़ी वजह ये है कि टटलू पुलिस से सीधी टक्कर लेते हैं. अगर मथुरा के हाथिया गांव में वर्ष 2013 में हुई एक घटना पर निगाह डालें तो पुलिस की टीम ने गांव में छापा मारा था.

पुलिस की कार्रवाई के जवाब में टटलूओं ने भी हमला बोल दिया. इस हमले में पुलिस टीम का एक जवान सतीश मौके पर ही मारा गया. इतना ही नहीं राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र की पुलिस भी मथुरा के इस गांव में टटलूओं के हाथों पिट चुकी है.

Source: news18

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