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आठ साल की सोहिनी ने कैसे भारत का गौरव बढ़ाया:

हमें फक्र है कि हम भारत के नागरिक है, क्यूंकि भारत ने ही दुनिया को शून्य दिया है। भारत गणित में सर्वश्रेष्ठ रहा है।

यहां के गणितज्ञों में आर्यभट्ट व रामानुजन जैसे नाम शामिल हैं। अभी हम यहां ऐसी प्रतिभा का जिक्र करने जा रहे हैं। जी हाँ सोहिनी जिसने महज आठ साल की उम्र में गणित का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर देश का नाम रौशन किया है।

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‘मैथलेटिक्स हॉल ऑफ़ फेम’ का खिताब जीता:

भारतीय मूल की सोहिनी रॉय चौधरी ब्रिटेन के बर्मिंघम में नेल्सन प्राइमरी स्कूल की छात्रा हैं। इन्होंने वहां आयोजित मैथ्स कंप्टीशन जीतकर भारत का मान बढ़ाया है।

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इसमें ब्रिटेन के बच्चों ने हिस्सा लिया था, जिसमें सोहिनी सबसे अव्वल रहीं।

ऑनलाइन लर्निंग रिसोर्स:

मैथलेटिक्स एक ऑनलाइन लर्निंग रिसोर्स है। यह बच्चों में मैथ्स को लेकर इंटरेस्ट जगाता है और मेन्टल अर्थमेटिक गेम्स तैयार करता है। इसमें दुनिया भर के बच्चे भाग लेते हैं।

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डॉक्टर बनना चाहती है सोहिनी रॉय:

सोहिनी रॉय चौधरी ब्रिटेन और दूसरे देशों के छात्रों से मुकाबले करते हुए स्पीड और एक्यूरेसी से मैथ्स पजल सुलझाने के बाद टॉप 100 वर्ल्ड हॉल ऑफ फेम में भी स्थान बनाने में कामयाब रहीं।

सोहिनी को आनुवांशिक रूप से गणित में रूचि विरासत में मिली है,भले ही सोहिनी ने गणित में ख़िताब जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है, लेकिन उनका सपना डॉक्टर बनने का है ।

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