मदरसा यौन शोषण कांड: काजी करता था यौन शोषण, पुलिस ने छापा मार 51 लड़कियों को छुड़ाया


यूपी की राजधानी लखनऊ के सआदतंज के मदरसा खदीजतुल कुबरा लिलबनात में पुलिस ने बड़ी कार्यवाई करते हुए वहां छापा मारकर मदरसे में पढ़ने वाली 51 छात्राओं को छुड़ाया है। पुलिस पूछताछ में छात्राओं ने चौंकाने वाले खुलासे किये हैं।

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छात्राओं ने पूछताछ में पुलिस अफसरों को बताया कि आरोपी संचालक कारी तैयब जिया कार्यालय में बुलाकर उनसे पैर दबवाता था, वह छात्राओं का यौन शोषण करता था। विरोध करने पर डंडे से पीटता था। उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं हुआ तो उन्होंने पत्र फेंककर मोहल्ले वालों को आपबीती बताई।

पुलिस ने इस मदरसे से मुक्त कराई गई लड़कियों के बयान के आधार पर इस मदरसे के संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया है. यूपी पुलिस के मुताबिक उन्हें लखनऊ के सआदतगंज इलाके में चल रहे इस मदरसे में छात्राओं के यौन शोषण की शिकायत मिली थी

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यूपी पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हंडकंप मच गया, स्‍थानीय लोगों ने पहले तो मदरसे को घेर लिया और पुलिस कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने जब अंदर से 51 लड़कियों को बाहर निकालातब जाकर लोग शांत हुए।

मदरसा हड़पने की फ़िराक में था कारी-

मदरसे के संस्थापक मोहम्मद जिलानी का आरोप है कि कारी तैयब मदरसा हड़पना चाहता है। उन्होंने जमीन खरीदकर मदरसा बनवाकर उसे देखरेख के लिए दिया था, लेकिन उसने मनमानी कर वहां हॉस्टल शुरू कर दिया और सिर्फ लड़कियों को ही दाखिला दे रहा था। यही नहीं कारी तैय्यब उल्टे उन्हें फर्जी मामले में फंसाने की धमकी भी दे रहा था।

छात्राओं ने कागज पर संदेश लिखकर मदरसे से बाहर फेंक मांगी मदद-

मदरसे के संस्थापक इंदिरानगर निवासी सैयद मोहम्मद जिलानी अशरफ ने बताया कि छात्राओं ने कागज के टुकड़े पर अपनी व्यथा लिखी और उसे मदरसे की छत से फेंका। कागज पाकर मोहल्ले वालों ने अशरफ को मामले की जानकारी दी।

कागज में छात्राओं ने लिखा था कि तैय्यब जिया व उसके चार साथी उनका यौन शोषण करते थे। विरोध करने पर उन्हें असलहे दिखाकर जान से मारने की धमकी देते थे। इस पर मोहम्मद जिलानी सआदतगंज कोतवाली पहुंचे और अर्जी दी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह सीओ बाजारखाला के पास पहुंचे और फिर मदरसे पर पुलिस ने छापे मारकर लड़कियों का आजाद कराया।

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पुलिस के मुताबिक मदरसे पर ACM और ADM और महिला उप निरीक्षक के द्वारा सभी लड़कियों का बयान लिया गया है. इस दौरान चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और DPO को सूचित कर दिया गया है.


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