आखें ही हमें इस आभासी दुनिया से जोड़े रखती :

हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील अंग आंखों को माना जाता है, और हम इनकी ही अनदेखी करते हैं। शरीर को फिट बनाने के लिए नियमित व्‍यायाम करते हैं, चेहरे को निखारने के लिए व्‍यूटी उत्‍पादों का प्रयोग करते हैं। लेकिन इन सबके बीच हम आंखों को भूल जाते हैं।

आंखे

आंखों के लिए हम कोई भी प्रयास नहीं करते जिसके कारण इनकी रोशनी कम होने लगती है और आखों से संबंधित समस्‍यायें होने लगती है। जबकि आखें ही हमें इस आभासी दुनिया से जोड़े रखती हैं, आखों से ही हम संसार देखते हैं। तो क्‍यों न अपनी आंखों को एक नया जीवन दिया जाये।

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बढ़ते फोन, टैबलेट, टीवी और कम्प्यूटर के इस्तेमाल के चलते आजकल लोगों की आंखों का कमजोर होना कोई हैरानी की बात नहीं है। डॉक्टर्स और एक्सरपर्ट्स कई बार इलेक्ट्रॉनिक्स चीजों के सीमित उपयोग पर जोर दे चुके हैं। लेकिन हर कोई इन गाइडलाइंस को नजरअंदाज करता हुआ दिखता है। जिसके चलते आंखें कमजोर होती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे काम बता रहे हैं जिन्हें आप रोजाना सिर्फ 10 मिनट भी करेंगे तो आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ने और उसे बरकरार रखने में मदद मिलेगी।

सही समय पर इसके संकेतों को पहचानकर ट्रीटमेंट ले :

आंखों की फोकसिंग मसल्स डैमेज हो जाने के कारण आंखों की रोशनी कम हो जाती है। इसके कारण चश्मा लगाने की जरूरत पड़ती है। आंखों में मौजूद फोकसिंग मसल्स के डैमेज होने के कई कारण होते हैं। अगर इसका सही समय पर इसके संकेतों को पहचानकर ट्रीटमेंट ले लिया जाए या सावधानियां बरती जाएं तो इस प्रॉब्लम को कंट्रोल किया जा सकता है। आंखों में किन वजहों से चश्मा लग सकता है।

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भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी के चलते आजकल लोगों का खानपान सिर्फ जिंदा रखने का साधन मात्र हो गया है। खाने से सभी तरह के पोषक तत्व और प्रोटीन मानों कहीं गायब हो गए हैं। जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ने के साथ ही हमारी आंखों पर भी पड़ता है। इसलिए अपने खाने में मछली, पालक, फल और हरी सब्जियों को शामिल करें इसके सेवन से आंखों में ड्राई-आई सिंड्रोम की समस्‍या दूर होती है।

समय-समय पर आंखों की जांच जरुर करवाएं :

जिन लोगों की आंखे कमजोर होती हैं उन्हें बीच बीच में अपनी आंखों की जांच करवाते  रहनी चाहिए। अगर आपकी आंखों की रोशनी बिल्‍कुल ठीक है और आपको पढ़ने में भी किसी प्रकार की कोई समस्‍या नहीं होती है फिर भी साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच अवश्‍य करवाएं।

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए आंखों को झपकाना भी फायदेमंद होता है। आंखें झपकाने से आंखें तरोताजा और तनाव मुक्त रहती हैं। कम्‍प्‍यूटर का इस्‍तेमाल करने वाले लोग अपनी आंखों की पलकों को कम झपकाते हैं, ऐसे लोगों को हर सेकेंड कम से कम तीन से चार बार अपनी आंखों को झपकाना चाहिए।

कैसे बचें चश्मा लगने की प्रॉब्लम से :

कम्प्यूटर पर काम करते समय रूम की लाइट जलाकर रखें। ऐसे में कम्प्यूटर से निकलने वाली रोशनी आंखों पर कम इफेक्ट डालती है।काम करते समय आंखों से कम्प्यूटर की दूरी कम से कम 40 सेमी रखें। इससे कम्प्यूटर की रोशनी का आंखों पर कम असर पड़ेगा।

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काम करते समय पलकों को लगातार झपकते रहें। इससे आंखों में ड्रायनेस नहीं होगी और आंखों में जलन की प्रॉब्लम कम होगी।काम के दौरान हर 40 मिनट में थोड़ा ब्रेक लें। 5 मिनट आंखें बंद रखें। इससे आंखों की थकान दूर होगी। काम के दौरान दिन में दो बार आंखों की एक्सरसाइज करें। इसके लिए 5 मिनट तक आंखों की पुतलियों को पहले दाएं तरफ घुमाएं और फिर बाएं तरफ घुमाएं।

काम के दौरान डाइट में दूध, दही, पनीर, अंडा, गाजर और हरे पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। इनसे पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, विटामिन A, E और C मिलेंगे जो आंखों को हेल्दी रखेंगे।दिन में कम से कम 4 या 5 बार आंखें धोएं। इससे आंखों में ड्रायनेस की प्रॉब्लम नहीं होगी।

 

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