जयपुर वाले क्यों हैं मकर संक्रांति के दीवाने…


संक्रांति का दिन है,
जयपुर का आसमान पतंगों से पट चुका है,
और जयपुर में संक्रांति केवल एक त्यौहार नहीं है,
यह उनकी जिन्दगी का हिस्सा है!
संक्रांति क्यों है जयपुर वालों का फेवरेट फेस्टिवल,
जाने नीचे…

चिल्लाने का मिल जाता है लाइसेंस

केवल ये ही वो दिन है जब कोई पड़ोसी आपके जोर से चिल्लाने पर शिकायत नहीं कर सकता, क्योंकि पतंग काटने पर जोर से “वो काटे” चिल्लाए बिना कैसी संक्रांत…

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जी भर के खाना पीना

ये केवल काम से छुट्टी नहीं है, ये यो सब चीजों यहाँ तक की डाईट प्लान से भी छुट्टी है, क्योंकि पतंगबाजी के साथ पकौड़े, पौष-बड़े, तिल के लड्डू, गजक और दाल-बाटी-चूरमा खाए बिना तो संक्रांति मन ही नहीं सकती…

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सन बाथ

लोग सन बाथ के लिए बीच पर जाते हैं पर संक्रांति पर सुबह 6 बजे से ही जयपुर के पतंगबाजी के दीवाने पतंग उड़ाने लग जाते हैं और जब तक शाम को सूरज नहीं ढल जाता, नीचे नहीं उतरते, सारे दिन पतंग उड़ाने से हुआ सनबर्न आपको कुछ दिन तो याद रहता ही है|

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यो यो हनी सिंह

हम जयपुर वाले सुबह से ही छतों पर फुल वॉल्यूम में हनी सिंग के गाने चलाते हैं और पागल होकर नाचते हैं, संक्रांति पर हम इतने गाने चलाते हैं कि उन गानों से बोर हो जाते हैं…

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फ्री कसरत

आपको जॉगिंग और जाने की या जिम जाने की जरूरत नहीं है, पतंग उड़ाने का खेल और लूटने की भागादौड़ी और सीढियों पर पतंग और चरखी लेके उपर नीचे भागना आपका वजन कुछ किलो तो कम कर ही देगा…

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चाइना के माल को ना

चाइनीज मांजे का उपयोग जयपुर वाले बहुत कम करते हैं, हमारा आपसे निवेदन है कि आप भी चाइनीज मंझे को यूज़ न करें ताकि पंछियों को नुकसान न पहुंचे|

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उम्र कोई बाधा नहीं

जब संक्रांति आती है, तो आप ये देख सकते हैं की कैसे बड़े लोग बच्चों से पतंगबाजी के मुकाबले में बच्चा बनकर लड़ते हैं! आपको कपो नहीं कहता, कि आप बड़े हो गये हैं| हर उम्र के लोग आपको मस्ती करते दिख जाएँगे, उनके चेहरों पर बच्चों की सी शरारतें और आवाज में बच्चों का सा उत्साह होता है|

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यारों से मिलना

संक्रांति पर जयपुर के सब दोस्त अपने यारों से मिलते हैं, पूरे साल में भी जो कभी नहीं मिल पाते, संक्रांति पर तो मिलते ही हैं….

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रात को दीवाली

दुनिया की दीवाली एक बार आती है पर जयपुर वालों की दीवाली दो बार आती है, संक्रांति की रात पतंग उड़ाने के बाद, सब लोग जी भरकर पटाखे जलाते हैं, लोग दीवाली पर ही संक्रांति के लिए पटाखे खरीद कर रख लेते हैं| इसके साथ ही रात में हजारों पैराशूट जैसी लालटेन जलाते हैं जिनसे पूरा आसमान भर जाता है और बहुत सुंदर नजारा होता है….

आखिर यूं ही संक्रांति जयपुर वालों का फेवरेट त्यौहार थोड़े न है…..

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