संक्रांति का दिन है,
जयपुर का आसमान पतंगों से पट चुका है,
और जयपुर में संक्रांति केवल एक त्यौहार नहीं है,
यह उनकी जिन्दगी का हिस्सा है!
संक्रांति क्यों है जयपुर वालों का फेवरेट फेस्टिवल,
जाने नीचे…

चिल्लाने का मिल जाता है लाइसेंस

केवल ये ही वो दिन है जब कोई पड़ोसी आपके जोर से चिल्लाने पर शिकायत नहीं कर सकता, क्योंकि पतंग काटने पर जोर से “वो काटे” चिल्लाए बिना कैसी संक्रांत…

jaipur01

जी भर के खाना पीना

ये केवल काम से छुट्टी नहीं है, ये यो सब चीजों यहाँ तक की डाईट प्लान से भी छुट्टी है, क्योंकि पतंगबाजी के साथ पकौड़े, पौष-बड़े, तिल के लड्डू, गजक और दाल-बाटी-चूरमा खाए बिना तो संक्रांति मन ही नहीं सकती…

jaipur02 jaipur03

 

सन बाथ

लोग सन बाथ के लिए बीच पर जाते हैं पर संक्रांति पर सुबह 6 बजे से ही जयपुर के पतंगबाजी के दीवाने पतंग उड़ाने लग जाते हैं और जब तक शाम को सूरज नहीं ढल जाता, नीचे नहीं उतरते, सारे दिन पतंग उड़ाने से हुआ सनबर्न आपको कुछ दिन तो याद रहता ही है|

jaipur05

यो यो हनी सिंह

हम जयपुर वाले सुबह से ही छतों पर फुल वॉल्यूम में हनी सिंग के गाने चलाते हैं और पागल होकर नाचते हैं, संक्रांति पर हम इतने गाने चलाते हैं कि उन गानों से बोर हो जाते हैं…

yoyo

फ्री कसरत

आपको जॉगिंग और जाने की या जिम जाने की जरूरत नहीं है, पतंग उड़ाने का खेल और लूटने की भागादौड़ी और सीढियों पर पतंग और चरखी लेके उपर नीचे भागना आपका वजन कुछ किलो तो कम कर ही देगा…

jaipur06

चाइना के माल को ना

चाइनीज मांजे का उपयोग जयपुर वाले बहुत कम करते हैं, हमारा आपसे निवेदन है कि आप भी चाइनीज मंझे को यूज़ न करें ताकि पंछियों को नुकसान न पहुंचे|

jaipur07

उम्र कोई बाधा नहीं

जब संक्रांति आती है, तो आप ये देख सकते हैं की कैसे बड़े लोग बच्चों से पतंगबाजी के मुकाबले में बच्चा बनकर लड़ते हैं! आपको कपो नहीं कहता, कि आप बड़े हो गये हैं| हर उम्र के लोग आपको मस्ती करते दिख जाएँगे, उनके चेहरों पर बच्चों की सी शरारतें और आवाज में बच्चों का सा उत्साह होता है|

jaipur10

 

यारों से मिलना

संक्रांति पर जयपुर के सब दोस्त अपने यारों से मिलते हैं, पूरे साल में भी जो कभी नहीं मिल पाते, संक्रांति पर तो मिलते ही हैं….

jaipur09

 

रात को दीवाली

दुनिया की दीवाली एक बार आती है पर जयपुर वालों की दीवाली दो बार आती है, संक्रांति की रात पतंग उड़ाने के बाद, सब लोग जी भरकर पटाखे जलाते हैं, लोग दीवाली पर ही संक्रांति के लिए पटाखे खरीद कर रख लेते हैं| इसके साथ ही रात में हजारों पैराशूट जैसी लालटेन जलाते हैं जिनसे पूरा आसमान भर जाता है और बहुत सुंदर नजारा होता है….

आखिर यूं ही संक्रांति जयपुर वालों का फेवरेट त्यौहार थोड़े न है…..

sky_lanterns-421x360

Comments

comments


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *