धन अनुदान और खेल सामग्री की कमी के साथ संघर्ष के महीनों बाद, भारतीय महिला आइस हॉकी टीम ने चैलेंज कप एशिया में पहली अंतरराष्ट्रीय जीत दर्ज कर इतिहास का सृजन कर दिया है ! वो अंतरराष्ट्रीय पटल पर आ चुके हैं और दुनिया उनका स्वागत कर रही है, आपको पता भी नहीं चला ?

बैंकाक में आयोजित “चैलेंज कप एशिया” में फिलीपींस को हराकर टीम ने गुरुवार को एक अंतरराष्ट्रीय मैच में अपनी पहली जीत दर्ज की।

भारत ने दूसरी अवधि में पहला गोल किया और एक 1-0 की बढ़त उठाकर गेम को समाप्त किया!

आखिरी अवधि उच्च तीव्रता की थी और दोनों टीमों ने 3 गोल किये । लेकिन दूसरी अवधि में 1 गोल की अगुवाई के साथ, भारतीय महिला टीम ने मैच 4-3 से जीत लिया।

पहली भरतीय महिला हॉकी जीत  स्रोत : प्रसार भारती ट्विटर हैंडल

यह एक ऐसी टीम के लिए बहुत जरूरी जीत थी जो कुछ समय से न केवल मैदान में अपितु मैदान के बाहर भी संघर्ष कर रही थी, वो भी एक ऐसे देश के लिए जो ज्यादातर क्रिकेट की परवाह करता है, उसे और किसी खेल के बारे में न ज्यादा पता है और न ही परवाह !

यह जीत अपने वजूद की लड़ाई लडती इस टीम के लिए बहुत आवश्यक थी जिसने मैदान से बाहर भी अनुदान(fund ) के लिए अच्छी खासी लड़ाई लड़ी और उसकी सहायता के आये सोशल मीडिया के माध्यम से लगभग ३००० अनुदान दाता !
टीम को 3000 से अधिक दान कर्ताओं के भरोसे पर खरा उतरने की चुनौती भी थी, जिन्होंने ट्रेनिंग, आवास, किराए, वीजा, टीम जर्सी और उपकरणों के लिए योगदान दिया।


विडियो: सोनम वांचुक/यूट्यूब

पिछले साल ही उन्होंने ताइवान में एशिया कप में भाग लिया और पहली बार एक पेशेवर रिंक पर खेला था हालांकि, धन के बिना एक उचित रिंक या प्रशिक्षण उपकरण नहीं मिल पाने के कारन वे कई कठिनाइयों से जूझते रहे !

कुछ दिन पहले तो, “चैलेंज कप एशिया” में भी उनकी भागीदारी अनिश्चित थी। टीम के लिए चुनी गई 28 महिलाओं में से कई महिलाएं लद्दाख की हैं। फंड की कमी के साथ, उन्होंने एक धन उगाहने वाले अभियान भी शुरू किया था जिसके सहारे अंततः वो इस प्रतियोगिता में भाग लेने में कामयाब रहे और जीत कर एक मिसाल कायम की !! इस जीत के लिए सभी भारतियों को शुभ कामनाएं !

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