financial year 2018

1 अप्रैल से सरकारी कागजों के लिए नया साल यानि वित्तीय वर्ष शुरू होता है और जिस तरह से आम बजट की घोषणा में कई सारे बदलाव देखने को मिले, वे सभी इसी एक अप्रैल से लागू होंगे। जानते हैं क्या-क्या हो रहे बदलाव और आप पर क्या होगा इसका असर। इसकी जानकारी होना हम सबके लिए काफी अहम है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस में ब्याज टैक्स फ्री :

ब्याज में सरकार ने इस बार राहत दी है। अब 50 हजार रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री होगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा पर 50 हजार रुपये तक ब्याज टैक्स फ्री होगा। अभी तक 10 हजार रुपये तक का ही ब्याज टैक्स फ्री था।

सिंगल प्रीमियम वाली हेल्थ पॉलिसी योजना पर ज्यादा छूट:

सिंगल प्रीमियम वाली पॉलिसी अगर एक साल से अधिक के लिए है तो हर साल समान अनुपात में प्रीमियम पर टैक्स छूट ले सकते हैं। उदाहरण के लिए दो साल के बीमा कवर के लिए 40,000 रुपए प्रीमियम दिया तो दो साल 20-20 हजार रुपए पर टैक्स छूट ले सकेंगे। अभी 25,000 रुपए की सीमा है।

यह भी पढ़ें: टैक्सी ने दी महिलाओं की ज़िन्दगी को रफ़्तार 

डिविडेंड आय पर भी 10% टैक्स लगेगा:

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के डिविडेंड पर 10% की दर से टैक्स लगेगा। म्यूचुअल फंड कंपनी निवेशक को डिविडेंड देते समय ही टैक्स की रकम काटेगी। टैक्स जमा करने की जिम्मेदारी निवेशक की नहीं होगी।

1st april 2018

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन:

एक साल से ज्यादा के निवेश में मुनाफे पर 10% टैक्स और इस पर 4% सेस लगेगा। अभी तक लॉन्ग टर्म निवेश पर टैक्स नहीं था। एक साल में कैपिटल गेन एक लाख रुपए तक है तो टैक्स नहीं लगेगा।

यह भी पढ़ें: GST- जानिए क्या है वस्तु एवं सेवा कर

मेडिकल री-इंबर्समेंट की सेवा होगी समाप्त:

इस वित्तीय वर्श से मेडिकल री-इंबर्समेंट की सुविधा खत्म हो जाएगी। वेतनधारियों और पेंशनधारियों को 40,000 रुपए स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ मिलेगा। मगर 15,000 रुपए मेडिकल री-इम्बर्समेंट और 19,200 रुपए ट्रांसपोर्ट अलाउंस की सुविधा अब नहीं मिलेगी।

वय वंदना योजना में निवेश सीमा दोगुनी:

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत निवेश सीमा 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी गई है। इस योजना को 31 मार्च 2020 तक बढ़ाया गया है। इस योजना में जमा पर 8% का निश्चित ब्याज मिलता है।

यह भी पढ़ें: जीएसटी: सरकार ने बनाई अथॉरिटी, सस्ती हुईं चीजें महंगी बेचने वालों की खैर नहीं!

ई-वे बिल:

एक राज्य से दूसरे राज्य में माल ले जाने के लिए ई-वे बिल जरूरी होगा। गाड़ी में रखे माल की कीमत 50,000 रुपए से कम है तो बिल नहीं चाहिए। टैक्स से छूट वाली वस्तुओं की कीमत इसमें नहीं जुड़ेगी।सप्लायर के अलावा ट्रांसपोर्टर, कूरियर एजेंसी और ई-कॉमर्स ऑपरेटर भी बिल जेनरेट कर सकते हैं।

इलाज पर खर्च के लिए टैक्स में छूट बढ़ी:

सरकार ने बड़ी राहत देते हुए इलाज पर खर्च के लिए टैक्स छूट बढ़ा दी है। अब इलाज पर लोगों को 1 लाख रुपए तक की टैक्स छूट मिलेगी। फिलहाल इसके तहत 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 60,000 रुपए और 80 साल से ज्यादा के लोगों को 80,000 हजार रुपए की टैक्स छूट मिलती है।

एसबीआई: मिनिमम बैलेंस चार्ज कम लगेगा:

एसबीआई ने बैंक खाते में एवरेज मंथली बैलेंस न होने पर लगने वाला चार्ज कम किया है शहरी क्षेत्रों में शुल्क 50 रु की जगह 15 रु, अर्धशहरी क्षेत्रों में 40 की जगह 12 रु और गांव-कस्बों में 40 की जगह 10 रु होगा। इस शुल्क पर 18% जीएसटी भी लगेगा।

साभार : फर्स्टपोस्ट

Comments

comments


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *