पौराणिक ग्रंथों के अनुसार :

बैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है। इस बार यह तृतीया 18 अप्रैल को है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहते हैं।

भविष्य पुराण में लिखा है कि इस दिन से ही सतयुग और त्रेता युग का प्रारंभ हुआ था। भगवान विष्णु ने नर-नारायण और परशुराम जी का अवतरण भी इसी तिथि को हुआ था।

अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने से घर में आती है सुख समृद्धि :

इस दिन भारत में सोना खरीदने का रिवाज है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने से घर में सुख समृद्धि बढ़ती है और सोने की मात्रा घर में बढ़ती जाती है।

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हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों का लगता है कि सोना भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को काफी प्रिय है इसलिए भी लोग सोने को खरीदते हैं ताकि वो अपने ईष्ट देव को प्रसन्न कर सकें।

इस दिन खरीदा गया सोना हिट भी रखेगा और फिट भी :

सोना एक धातु है जिसे एंटी-इन्फ़्लेमेट्री गुण होते हैं, यह उम्र को कम करता है और लोगों के अंदर नई खुशी और ऊर्जा का संचार करता है। इसलिए सदियों से भारतीय लोग सोने का प्रयोग करते आ रहे हैं, शायद उन्हें पहले से पता था कि सोना उन्हें हिट भी रखेगा और फिट भी।

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पद्म पुराण वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी जी मन्दिर में भी केवल इसी दिन श्री विग्रह के चरण दर्शन होते हैं। पद्म पुराण के मुताबिक इसी दिन महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ था और द्वापर युग का समापन भी इसी दिन हुआ था।

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