कलर प्रिंटर की इंक को बचाने का तरीका :

आप इंकजेट प्रिंटर को अपना काम को देखकर ही खरीदें, यदि आप महीने में एक या दो बार प्रिंट निकालते हैं तो इंकजेट प्रिंटर ना लें। इंकजेट प्रिंटर तभी खरीदें जब आपको लगे कि आप प्रतिदिन कम से कम 1 पेज को प्रिंट कर ही लेगें अन्‍यथा यदि आपके आप कलर प्रिंट आउट का कोई काम नहीं है तो बेहतर होगा कि आप लेजर प्रिंटर ही खरीदें।

खरीदते समय थर्मल तकनीक वाले प्रिंटर का चुनाव करें, इसमें हम कार्टेज में हम बार बार इंक रिफिल कर सकते हैं और यदि चाहें तो कार्टेज को चेंज भी कर सकते हैं।

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कार्टेज खाली होने पर तुरंत रिफिल करवाये, ज्‍यादा समय होने पर कार्टेज खराब होने की संभावना रहती है। प्रिंटर से 1-2 दिन में प्रिंट आउट निकालते रहें, ऐसा ना करने पर कार्टेज हैड सूख जाता है और बार-बार हैड क्‍लीन करने की जरूरत पडती है, प्रिंट क्‍वालिटी पर भी इसका प्रभाव पडता है, प्रिंट में लाइनें आने लगती हैं।

इंकजेट प्रिंटर में रॉड में प्रिंट हेड :

इंकजेट प्रिंटर में रॉड में प्रिंट हेड मूव करता है, अगर उस पर कुछ धूल जमा हो जाती है तो ठीक प्रकार से मूवमेंट नहीं कर पाता है, इसलिये समय-समय प्रिंटर में ब्‍लोअर (Blower) द्वारा हवा से धूल को साफ कर दें और रॉड पर कोई भी थोडी चिकनाई वाली चीज लगा दें अगर सिलाई मशीन को तेल मिल जाये तो बहुत अच्‍छा है।

जब जरूरत हो तभी प्रिंट करें, बेवजह प्रिंट न दें क्‍योंकि इंकजेट प्रिंटर की कार्टेज बहुत जल्‍दी खाली होती है।

अगर आपके पास कलर प्रिंटिग का ज्‍यादा काम है तो एक्‍स्‍ट्रा कलर ड्रम लगी हुये प्रिंटर को खरीदें।

अगर आपको कुछ टाइपिंग वर्क प्रिंट आउट करना है, तो ‘Black Ink Only’ या ‘Grayscale’ print mode को सलेक्‍ट करें। इससे आपको प्रिंटर कलर कार्टेज को यूज नहीं करेगा।

बच्‍चों के प्रोजेक्‍ट आदि बनाने में fast draft printing quality को ही सलेक्‍ट करें, इससे कम कलर इंक में ज्‍यादा पेज प्रिंट आउट किये जा सकते हैं।

अक्‍सर इंकजेट प्रिंटर में पेज फंसने की समस्‍या आती है इसके लिये पेपर ट्रे में सिंगल पेज के बजाय एक साथ 10-15 पेज लगाकर रखें।

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