गलत खानपान और खराब मौसम के कारण लूज मोशन :

बदलते मौसम और गलत खानपान के कारण लूज मोशन या पानी की कमी से दस्त लगने की समस्या होना एक आम बात है। दस्त और पेट से जुड़ी ज्यादातर बीमारियां उन लोगों को होती हैं जो ज्यादातर बाहर खाना खाते हैं, लेकिन यह भी कहना उचित नही है कि जो लोग घर पर खाना खाते हैं उनका पेट हमेशा ठीक ही रहेगा।

यदि भोजन में ज्यादा तेल-मसाला हो तो,ऐसी हालत में बिल्कुल भी ऐसा भोजन न खाएं। ऐसे में शरीर के मिनरल्स और शरीर में पानी की कमी हो जाती है  , जिससे मरीज को कमजोरी महसूस होने लगती है। लूज मोशन में ऐलोपेथिक दवाओं के बजाए घरेलू नुस्खों को अपनाना चाहिए। इस हालत में कुछ घरेलू नुस्खे हैं जो इस समस्या से आपको बहुत जल्दी निजात मिल सकती है।

सरसों के बीज में एंटीबैक्टिरियल :

सरसों के बीज में एंटीबैक्टिरियल गुण पाए जाते हैं, इसलिए डायरिया, दस्त और लूज मोशन की समस्या में इसे रामबाण माना जाता है। सरसों के एक चौथाई चम्मच बीजों को एक कप पानी में एक घंटे के लिए भिगो दें। एक घंटे बाद इस पानी को छानकर पी लें। यह नुस्खा एक दिन में दो से तीन बार दोहराएं। इससे बहुत जल्दी आराम मिल जाता है।

नींबू के रस में एंटी इंफ्लामेट्री :

नींबू के रस में एंटी इंफ्लामेट्री प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं। इससे पेट आसानी से साफ हो जाता है। यह डायरिया की समस्या से राहत देने वाला बहुत प्राचीन नुस्खा है। एक गिलास पानी में  नींबू का रस,एक चम्मच नमक और थोड़ी चीनी मिलाकर अच्छे से मिक्स करने के बाद पिएं।

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हर एक घंटे में ये घोल बनाकर पीने से लूज मोशन में बहुत जल्दी आराम मिलता है। इस नुस्खे को अपनाने के साथ ही हल्का खाना लें। इससे आपको इस समस्या से जल्दी छुटकारा मिल जाएगा।

अनार के बीजों को चबाएं :

अनार लूज मोशन्स की समस्या में रामबाण दवा की तरह काम करता है। अनार के बीजों को चबाएं। दिनभर में कम से कम दो बार अनार का जूस पिएं। अनार की पत्तियों को पानी में उबाल लें। इस पानी को छानकर पीने से भी दस्त में आराम मिलता है।

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मेथीदाना एंटीबैक्टिरियल और एंटीफंगल होती हैं :

मेथीदाना में एंटीबैक्टिरियल और एंटीफंगल प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं। एक चौथाई चम्मच मेथीदाना पाउडर ठंडे पानी से लें। इससे पेट की गर्मी छट जाएगी और दस्त की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। यह पाउडर खाली पेट दो से तीन दिनों तक लेना चाहिए। बहुत जल्दी आराम मिलता है।

 

कच्चा पपीता एक जबरदस्त दवा :

कच्चा पपीता दस्त की समस्या में एक जबरदस्त दवा का काम करता है। कच्चे पपीता को छिलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर उबाल लें। इस पानी को छानकर जब हल्का गर्म रह जाए तब पिएं। दस्त बंद हो जाएंगे। यह पानी दिनभर में दो से तीन बार पीना चाहिए।

अदरक पाउडर और छाछ :

आधा चम्मच अदरक पाउडर को छाछ के साथ लें। इस मिश्रण को दिन में दो तीन बार लेने से डायरिया से राहत मिलती हैं और पेट से जुड़ी समस्या भी खत्म हो जाती है।

इन घरेलू नुस्खों से आप जल्द ही राहत महसूस करेंगे ।

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