chara ghotala

चारा घोटाला:

चारा घोटाला स्वतन्त्र भारत के बिहार प्रान्त का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार घोटाला था जिसमें पशुओं को खिलाये जाने वाले चारेके नाम पर 950 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से फर्जीवाड़ा करके निकाल लिये गये।

इस घोटाले में बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और डॉ जगन्नाथ मिश्र समेत कुल 43 लोगों के भाग्य का फैसला आज होगा। बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में अदालत आज यानी 23 दिसम्बर को फैसला सुनाएगी।

लालू यादव रांची पहुंच गए हैं। उनके साथ उनका बेटा और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव भी मौजूद हैं। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि अगर लालू यादव जेल चले गए तो बिहार में आरजेडी की चाल कहीं धीमा न पड़ जाए। हालांकि तेजस्वी का इस मौके पर उनके साथ होना कई तरह के राजनीतिक संदेश देता है।

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फैसला आरजेडी सुप्रीमो के खिलाफ या हित में:

कानून के जानकारों की मानें तो अगर फैसला आरजेडी सुप्रीमो के खिलाफ आता है, तो उन्हें 2 से 7 साल तक की सजा हो सकती है। इससे भी बड़ी बात यह है कि अगर सीबीआई कोर्ट अपने फैसले में 3 साल से ज्यादा समय का सजा सुनाती है, तब लालू को जमानत लेने में मुश्किल होगी, यानि उनको जेल जाना पड़ सकता है।

इस मुकदमे में लालू, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा एवं ध्रुव भगत, आर के राणा, तीन आईएएस अधिकारी फूलचंद सिंह, बेक जूलियस एवं महेश प्रसाद, कोषागार के अधिकारी एस के भट्टाचार्य, पशु चिकित्सक डॉक्टर के के प्रसाद तथा शेष अन्य चारा आपूर्तिकर्ता आरोपी थे।

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इस घोटाले में एक आरोपी को कोर्ट से किया गया है बरी:

चारा घोटाले में लालू प्रसाद पर 6 अलग-अलग मामले लंबित हैं और इनमें से एक में उन्हें 5 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। इस घोटाले से जुड़े 15 आरोपियों की मौत भी हो चुकी है, जबकि 2 सरकारी गवाह बन चुके हैं और एक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और एक आरोपी को कोर्ट से बरी भी किया जा चुका है।

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लालू प्रसाद के बेटे और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि 23 दिसंबर को फैसला आएगा को देखेंगे क्या होगा और क्या नहीं।कोर्ट के फैसले पर हमलोगों को पूरा विश्वास है।

लालू जी का परिवार मानसिक रूप से तैयार:

लालू जी का परिवार दबने वाला नहीं है। वो खुद कह रहे हैं कि फांसी पर लटक जाएंगे, लेकिन स्टैंड नहीं बदलेंगे।फैसला कुछ भी हो लेकिन कोई दबने वाला नहीं है। सब कोई जानता है कि इसका मसकद क्या है, लालू प्रसाद को वो घुटना टेकवाना चाहते हैं।

लालू प्रसाद पहले भी जेल जा चुके हैं, तब उन्होंने राबड़ी देवी सीएम बनाया था. लालू और उनकी पार्टी इस मामले में किसी भी तरह के फैसले के लिए मानसिक रूप से तैयार है।

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