हर घर में पढ़ाई को लेकर पेरेंट्स का रोल:

इन दिनों एग्जाम का प्रेशर बच्चों के ऊपर बहुत ज्यादा होता है। ऐसे में घर में भी हर वक्त पढाई को लेकर पेरेंट्स प्रेशर डालते है, जिनके कारण बच्चों में चिड़चिपन आ जाता है।

वो किताबों से दूर भागने लगते है ऐसे में अगर आप यह समझते हैं कि आपके बच्चे पूरा दिन लगातार पढ़ते रहे, बिना कोई ब्रेक लिए और उनके बड़े अच्छे नंबर आएंगे तो ये आप गलत सोचते हैं।

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विशेषज्ञ बताते हैं कि पढ़ाई के लंबे घंटों के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लेते रहने से अच्छी सफलता मिलती है।

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लंबे समय तक बिना ब्रेक लिए पढ़ते रहने से फायदा नहीं:

खेलकूद से आत्मविश्वास बढ़ता है, बच्चे चौकन्ने रहते हैं, एकाग्रता बेहतर होती है। खेल हमें नाकामियों का सामना करने का जज्बा देते हैं।

लंबे समय तक बिना ब्रेक लिए पढ़ते रहने से फायदा नहीं होता। ऐसा इसलिए होता है कि कुछ समय के बाद तनाव का स्तर बढ़ जाता है और एकाग्रता घटने लगती है। ध्यान भंग होने की वजह से ऐसे वक्त में पढ़ी गई सामग्री हमारे दिमाग में रह नहीं पाती।

इसलिए कुछ समय के अंतराल पर ब्रेक लेने से दोबारा ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। लंबे घंटों तक पढ़ने से ध्यान भंग होने लगता है और ब्रेक लेकर खेलने से दोबारा फोकस करने में मदद मिलती है।

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कैसे लें ब्रेक:

ब्रेक के समय बच्चे को ऐसी गतिविधियाँ करनी चाहिए जिनमें उसे आनंद मिलता हो। पार्क में टहल सकते हैं, ध्यान लगा सकते हैं, कोई खेल खेल सकते हैं । बास्केटबॉल, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन ये काफी अच्छे विकल्प हैं। ब्रेक का समय हमें आराम करके दिमाग को तरोताजा कर दोबारा काम करने के लिए तैयार कर देता है।

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खेलकूद से आत्मविश्वास बढ़ता है, बच्चे चौकन्ने रहते हैं, उनकी एकाग्रता बेहतर होती है, तनाव घटता है, मूड ठीक होता है, दिमाग शांत होता है, इतना सब होने से जाहिर है कि परीक्षा में प्रदर्शन सुधरेगा।

सेहत भी होगी तंदरुस्त:

शरीर लचीला तो बनता ही है साथ ही उनकी बॉडी इमेज भी अच्छी होती है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि खेल हमें नाकामियों का सामना करने का जज्बा देते हैं।

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इसलिए परिक्षाओं की तैयारी के समय याद रखें कि लंबे घंटों तक पढ़ने से ध्यान भंग होने लगता है और ब्रेक लेकर खेलने से दोबारा फोकस करने में मदद मिलती है। इसलिए खेलते रहिए और पढ़ते रहिए।

ये हैं कुछ जरुरी टिप्स:

किसी की सहायता लेने से न शरमाये

कुछ विषय छात्र के सर के ऊपर से जाने लगते है, जिसमे गणित मुख्य रूप से शामिल है, बहुत से छात्र ऐसे समय में मेहनत करते रहते है।

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लेकिन फिर भी समझ न आने पर गुस्सा होते है और नाराज़ होते है, लेकिन यदि आप किसी से सहायता लो तो आपको गुस्सा होने की जरुरत ही नही होंगी। क्योकि किसी की सहायता लेने से आप अपने दिमाग की आंतरिक दुविधाओं को भी दूर कर सकते हो।

टाइम-मैनेजमेंट

आपको अपने स्टडी प्लान को विकसित करने की जरुरत है और समय का सदुपयोग करने की जरुरत है तभी आप बेहतर परिणाम (रिजल्ट) पा सकते हो।

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ध्यान

ध्यान केंद्रित करने की योग्यता का होना छात्रो में पायी जाने वाली मुख्य योग्यताओ में से एक है। क्योकि हर वक्त पढाई करते समय आपके आस-पास का वातावरण शांत नही हो सकता।

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इसीलिये आपको पढाई करते समय विषय पर ध्यान केंद्रित करने की जरुरत है। आपको अपना पूरा ध्यान अपने विषय पर ही देना चाहिये।

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