ARSHAD HUSEN 75 SAAL KE STUDENT

जिंदगी जिंदादिली का नाम है:

बढ़ती उम्र में भी जिंदगी को जिंदादिली से जी रहे हैं,मुंबई में रहने वाले 75 साल के अरशद हुसैन।उनका कहना है कि बूढ़ा होना आपके जिंदगी में मजे लेने का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है।

क्योंकि आप जिंदगी सेटल कर चुके होते हैं, चिंतामुक्त हो चुके होते हैं। अरशद और उनकी पत्नी ने अपने दिमाग को युवा रखने में कामयाबी हासिल की है। वे अपनी जिंदगी का अपने हिसाब से नेतृत्व कर रहे हैं। उनके शब्दों में वे ‘खुश और व्यस्त जीवन’ जी रहे हैं।

यह भी पढ़ें:जानिए सबके लिए प्रेरणाश्रोत कलाम को किससे मिली थी प्रेरणा?

नयी भाषा सीखने की इच्छा:

अरशद हुसैन टाटा इंस्टीट्यूट में एक इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर थे। रिटायरमेंट के बाद एक ऐसा वक्त आया था जब उन्हें लगने लगा कि वो थम से गए हैं, कुछ नया नहीं हो रहा लाइफ में।तब उनकी पत्नी ने सुझाव दिया कि उन्हें एक नई भाषा, अरबी सीखनी चाहिए। इसके बाद दोनों मियां बीवी ने मिलकर कॉलेज में एडमिशन ले लिया।

ये काफी अविश्वसनीय तो है लेकिन वह अपनी कक्षा में सबसे उम्रदराद छात्र हैं। उनकी ये प्यारी सी और प्रेरक कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ नाम के एक फेसबुक पेज पर उनकी ये कहानी पोस्ट की गई थी।

यह भी पढ़ें:मिसाइल मैन अब्दुल कलाम : युवाओं की प्रेरणा

फेसबुक पोस्ट के जरिये बताया:

अरशद हुसैन इस फेसबुक पोस्ट में बताते हैं, “मैं 75 साल का हूं और सेवानिवृत्त जीवन का आनंद ले रहा हूं। मैंने एक खुश और व्यस्त जीवन का नेतृत्व किया है। कई सालों तक मैं टाटा इंस्टीट्यूट में एक इलेक्ट्रॉनिक अभियंता था, इसके बाद मैंने अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया।

मेरे पास एक खुशहाल पारिवारिक जीवन था। हम दो सगे भाई हैं, जिनकी दो सगी बहनों से शादी हुई थी। तो हमारा परिवार काफी छोटा सा है। मेरे बेटे में से एक ब्रिटेन में है, इसलिए हम अक्सर उनसे मिलने की यात्रा करते हैं।

फोटोग्राफी के भी शौक़ीन:

मेरी पत्नी और मैं लगातार कुछ नया करते रहते हैं।मुझे पढ़ने से प्यार है और मैंने हाल ही में फोटोग्राफी सीखना शुरू किया क्योंकि मैं बचपन से इस बारे में पैशनेट हूं।कुछ महीने पहले, मेरी पत्नी और मैंने सोचा कि एक नई भाषा सीखना मजेदार होगा।

इसलिए हमने अरबी पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन साइन अप किया। इतना मज़ा आया कि क्या बताएं, जब हमने बॉम्बे में एक भाषा संस्थान में खुद को नामांकित किया! तो एक हफ्ते में कई बार, हम अपने टिफ़िन पैक करते हैं और एक साथ कॉलेज में जाते हैं।

यह भी पढ़ें:21 से 25 साल की उम्र से पहले आपको ज़रूर देखनी चाहिए, ये प्रेरणादायक फिल्में

बैच के सबसे कूल कपल:

पहले दिन, अन्य सभी छात्रों ने सोचा कि मैं प्रोफेसर हूं, क्योंकि क्लास में मैं सबसे बुजुर्ग व्यक्ति हूं। लेकिन अब हम सभी अच्छे दोस्त हैं। हम 50 छात्र एक साथ अध्ययन कर रहे हैं और मेरी पत्नी और मैं हमारे बैच के ‘सबसे कूल कपल’ हैं। हम वास्तव में कॉलेज के छात्रों की तरह जवां महसूस करते हैं।

एकमात्र सलाह जो मैं आपको दे सकता हूं, वह बढ़ती उम्र को अच्छी तरह बिताने की कुंजी,सीखने और अपने मन को जवान रखने के लिए है। मेरी पत्नी और मैं, हमारे दिमाग को युवा रखने में कामयाब रहे हैं। हम लगातार नई चीजों को ट्राय कर रहे हैं और पहली बार अलग-अलग चीजों का सामना कर रहे हैं। यह रोमांचक है,जितना अधिक आप जीवन के प्रति उत्साह महसूस कर सकते हैं, उतना खुश रहेंगे। ”

             “उम्र एक दिमागी ख्याल है अगर आप विचार नहीं करते तो कोई फर्क ही नहीं पड़ता”

 

Comments

comments


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *