इस दिन माता को लगाया जाता है बासी भोजन का भोग :

इस बार शीतला अष्टमी 9 मार्च 2018 को है। शीतला अष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त प्रातः 06:41 बजे से सायं 06:21 बजे तक है। कुल अवधि 11 घंटे 40 मिनट की है। अष्टमी तिथि प्रारंभ 9 मार्च 2018, प्रातः 03:44 बजे से होगा, जिसका समापन 10 मार्च 2018 प्रातः 06:00 बजे होगा।

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एक बात जिससे शायद आप अंजान हो,  शीतलाष्टमी के एक दिन माता को भोग लगाने के लिए बासी खाने का भोग यानि बसौड़ा तैयार कर लिया जाता है। अष्टमी के दिन बासी पदार्थ ही देवी को नैवेद्य के रूप में समर्पित किया जाता है और भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।

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ऐसी मान्यता है कि इस दिन के बाद से बासी खाना खाना बंद कर दिया जाता है। ये ऋतु का अंतिम दिन होता है जब बासी खाना खा सकते हैं।

बसौड़ा / शीतला अष्टमी का महत्व :

शीतलाष्टमी और माँ शीतला की महत्ता का उल्लेख हिन्दू ग्रन्थ “स्कन्द पुराण” में बताया गया है। यह दिन देवी शीतला को समर्पित है। हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार, शीतला माता चेचक, खसरा आदि की देवी के रूप में पूजी जाती है। इन्हें शक्ति के दो स्वरुप, देवी दुर्गा और देवी पार्वती के अवतार के रूप में जाना जाता है। इस दिन लोग माँ शीतला का पूजन का करते है, ताकि उनके बच्चे और परिवार वाले इस तरह की बिमारियों से बचे रह सके।

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शीतला माता के नाम से ही स्पष्ट होता है की यह किसी भी समस्या से राहत देने में मदद करती है। माना जाता है यदि किसी बच्चे को इस तरह की बीमारी हो जाए तो उन्हें माँ शीतला का पूजन करना चाहिए इससे बिमारी में राहत मिलती है और समस्या जल्दी ठीक होती है।

कहा ये भी जाता है शीतला अष्टमी के दिन माँ शीतला का विधिवत पूजन करने से घर में कोई बिमारी नहीं रहती और परिवार निरोग रहता है। तो इस वर्ष आप भी माँ शीतला का व्रत करें और अपने परिवार के लिए निरोगी रहने का आशीर्वाद प्राप्त करें।

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